कश्मीर में फिर टारगेट किलिंग, बांदीपोरा में बिहार से आए प्रवासी मजदूर की गोली मारकर हत्या

इसी साल मार्च-अप्रैल में 26 दिनों के अंदर टारगेट किलिंग की 10 घटनाएं सामने आने के बाद कश्मीरी पंडितों और प्रवासियों ने घाटी से पलायन भी शुरू हो कर दिया था।

Updated: Aug 12, 2022, 09:35 AM IST

कश्मीर में फिर टारगेट किलिंग, बांदीपोरा में बिहार से आए प्रवासी मजदूर की गोली मारकर हत्या
Photo Courtesy: News18

बांदीपोरा। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में आतंकवादियों ने शुक्रवार को एक और प्रवासी की गोली मारकर हत्या कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतक की पहचान बिहार के 19 वर्षीय लड़के मोहम्मद अमरेज के रूप में हुई है। अमरेज बिहार के मधेपुरा जिले के बेसाढ़ गांव का रहने वाला था। बांदीपोरा में अमरेज मजदूरी करने आया था और उसका भाई भी उसके साथ ही वहां मजदूरी के लिए रहता था।

पुलिस ने बताया कि यह घटना बांदीपोरा जिले के तहसील अजस में, सदुनारा गांव में हुई है। गुरुवार मध्य रात्रि को बांदीपोरा के सोदनारा सुंबल में आतंकवादियों ने बिहार निवासी प्रवासी मजदूर पर गोलियां चलाईं और उसे घायल कर दिया। मजदूर को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

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मृतक के भाई ने कहा कि हम दोनों भाई सो रहे थे, तभी मेरे भाई ने मुझे उठाकर बोला कि फायरिंग हो रही है, मैंने कहा कि ये होता रहता है तुम सो जाओ। थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि भाई वहां सोया नहीं था। मैं ढूंढने बाहर गया तो देखा कि वो खून से लथपथ था। मैंने सेना को फोन किया और हम उसे स्थानीय हॉस्पिटल में ले गए जहां से उसे श्रीनगर ले जाने के लिए बोला गया। लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।

बता दें कि आतंकवादियों द्वारा घाटी में गैर-कश्मीरियों की हत्याओं का सिलसिला नहीं थम रहा है। पिछले एक सप्ताह में प्रवासी मजदूरों पर यह दूसरा हमला है। पिछले सप्ताह बिहार के ही रहने वाले प्रवासी मजदूर मोहम्मद मुमताज की हत्या कर दी गई थी। आतंकियों ने पुलवामा जिले के गाडूरा गांव में बाहरी मजदूरों पर ग्रेनेड फेंका था, जिसमें मुमताज की मौत हो गई थी, जबकि दो लोग जख्मी हो गए।

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कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग्स की वजह से सरकारी कर्मचारी, प्रवासी मजदूर दहशत में हैं। बीते दिनों आतंकवादियों ने यहां टीवी आर्टिस्ट, बैंक कर्मी, सरकारी मुलाजिमों को भी निशाना बनाया था। इसी साल मार्च अप्रैल में 26 दिनों के अंदर टारगेट किलिंग की 10 घटनाएं सामने आने के बाद कश्मीरी पंडितों और प्रवासियों ने घाटी से पलायन भी शुरू हो कर दिया। 

हाल ही में केंद्र सरकार ने सदन में बताया था कि आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर में 2017 से 5 जुलाई 2022 तक 28 प्रवासी मजदूरों की हत्या की। इनमें सबसे ज्यादा बिहार के 7 मजदूर मारे गए हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के 2 और झारखंड के 1 मजदूर की हत्या हुई।