छत्तीसगढ़ में आज ऐतिहासिक दिन, आरक्षण के लिए नया विधेयक लाएगी भूपेश सरकार

राज्य विधानसभा एक संकल्प भी पारित किया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार से आग्रह किया जाएगा कि वे आरक्षण कानून को संविधान की नवीं अनुसूची में शामिल कर लें।

Updated: Dec 02, 2022, 10:31 AM IST

छत्तीसगढ़ में आज ऐतिहासिक दिन, आरक्षण के लिए नया विधेयक लाएगी भूपेश सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा की शुक्रवार को ऐतिहासिक बैठक होने जा रही है। विशेष सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए आरक्षण का नया अनुपात तय करने वाला विधेयक पेश करने वाले हैं। इसी के साथ विधानसभा एक संकल्प भी पारित किया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार से आग्रह किया जाएगा कि वे आरक्षण कानून को संविधान की नवीं अनुसूची में शामिल कर लें।

रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को कार्यवाही के दूसरे हिस्से में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण) संशोधन विधेयक 2022 को पेश करेंगे। इसके साथ ही शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) संशोधन विधेयक को भी पेश किया जाना है।

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सत्ता पक्ष और विपक्ष की चर्चा के बाद इन विधेयकों को पारित कराने की तैयारी है। राज्य कैबिनेट ने इन विधेयकों को प्रारूप को 24 नवम्बर को हुई बैठक में मंजूरी दी थी। इन दोनों विधेयकों में आदिवासी वर्ग-ST को 32%, अनुसूचित जाति-SC को 13% और अन्य पिछड़ा वर्ग-OBC को 27% आरक्षण का अनुपात तय हुआ है। सामान्य वर्ग के गरीबों को 4% आरक्षण देने का भी प्रस्ताव है। इसको मिलाकर छत्तीसगढ़ में 76% आरक्षण हो जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को भानुप्रतापपुर की चुनावी सभा में कहा, भाजपा ने कभी OBC को आरक्षण का फायदा नहीं दिया। भाजपा की गलती की वजह से आरक्षण कानून निरस्त हुआ। उनकी सरकार अब नया कानून बनाकर SC-ST वर्गों को उनकी आबादी के अनुपात में, OBC को मंडल आयोग की सिफारिश के मुताबिक और EWS को संसद के मुताबिक आरक्षण देने जा रही है।