कांकेर में तेंदुए के हमले में महिला की मौत, दहशत के माहौल में जीने को मजबूर ग्रामीण

भैसाकट्टा गांव में 45 वर्षीय महिला को घर से घसीटकर ले गया तेंदुआ, क्षत विक्षप्त हालत में मिला शव, वन विभाग से मुआवजे की मांग कर रहे ग्रामीण

Updated: Sep 07, 2021, 12:15 PM IST

कांकेर में तेंदुए के हमले में महिला की मौत, दहशत के माहौल में जीने को मजबूर ग्रामीण
Photo Courtesy: Amar ujala

कांकेर। जिले में हाथियों के बाद अब तेंदुए ने लोगों की जीना दूभर कर दिया है। कांकेर के भैसाकट्टा गांव में तेंदुए के हमले में महिला की मौत हो गई। मंगलवार तड़के महिला अपने घर में सो रही थी, तभी तेंदुआ वहां पहुंचा और कच्चे घर में घुस गया, तेंदुआ महिला को कई किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गया। फिर उसने महिला पर वार किया जिससे उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि महिला मानसिक रूप से कमजोर थी।

ग्रामीणों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि तेंदुए को यहां से भगा दिया जाए, उसे दूर किसी घने जंगल में छोड़ दिया जाए। भैसाकट्टा गांव में 45 वर्षीय महिला की मौत से दहशत का माहौल है। ग्रामीण काफी डरे हुए हैं। उन्होंने मामले की सूचना स्थानीय पुलिस औऱ वन विभाग को दे दी है। महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। महिला का शव क्षत विक्षप्त अवस्था में मिला है। चारामा फॉरेस्ट रेंज के अफसर मौके पर पहुंच गए हैं।

तेंदुए के हमले से महिला की मौत से चारामा वन परिक्षेत्र के भैसाकट्टा गांव में सनसनी फैल गई है। यह पहला मौका नहीं है, यहां जंगली इलाका होने के वजह से अक्सर जंगली जानवर हमला करते रहते हैं। कुछ दिनों पहले कांकेर जिले के पलेवा गांव में तेंदुए ने बुजुर्ग ग्रामीण का शिकार किया था।  

छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में घने जंगलों के बीच, हाथी, तेंदुए और चीते अक्सर ग्रामीणों पर हमला करते रहते हैं। अगस्त में कोरबा के कटघोरा फारेस्ट रेंज स्थित गांवों में 7 हाथियों ने दर्जनों कच्चे मकानों को तोड़ दिया थे 7 हाथियों के झुंड ने गांव पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।