आदिवासी दिवस पर बोले सीएम भूपेश बघेल, हर गांव को डॉक्टर और मास्टर की सुविधा का लाभ मिले

छत्तीसगढ़ में धूम-धाम से मना आदिवासी दिवस, सीएम भूपेश बघले का दिखा निराला अंदाज, मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में कृषि और वनोपज आधारित उद्योग नीति को दी जा रही प्राथमिकता

Updated: Aug 09, 2021, 05:17 PM IST

आदिवासी दिवस पर बोले सीएम भूपेश बघेल, हर गांव को डॉक्टर और मास्टर की सुविधा का लाभ मिले
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रायपुर। आदिवासी दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित मुख्य कार्यकम में प्रदेश मुखिया समेत कैबिनेट के कई मंत्रियों ने शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ढोलक बजाई और वहां मौजूद लोगों का उत्साहवर्धन किया।

प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति पुरातन है। प्रदेश की आधे से ज्यादा भाग में जंगल है, जहां आदिम संस्कृति फलती फूलती है। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का सपना आदिवासियों के विकास और संरक्षण के लिए लिया गया था। लेकिन इस दिशा में पूर्व में कोई खास काम नहीं हुआ। लेकिन अब पिछले ढ़ाई साल से कांग्रेस सरकार आने के बाद अब आदिवासी इलाकों तक विकास पहुंच रहा है। दूरस्थ इलाकों में विकास के कार्य हो रहे हैं। दूरस्थ आदिवासी गांवों में लोगों को इलाज की सुविधा मिल रही है। ज्ञान की अलख जगाने के लिए गांव-गांव शिक्षा पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि शासन की सभी योजनाओं का पूरा लाभ आदिवासियों को मिल सके। वनभूमी पर आदिवासियों का हक सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत औऱ सामुदायिक पट्टे बांटे गए हैं। सामुदायिक वन प्रबंधन का अधिकार दिया है।

गांवों को वन भूमी पर खेती करने वालों को भी शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। आदिवासी किसानों की आय बढ़ाने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। हर गांव को डाक्टर और मास्टर की सेवा देना सरकार का लक्ष्य है। कृषि औऱ वनोपज आधारित उद्योग नीति को प्राथमिकता दी जा रही है।  

 

आदिवासी दिवस के मौके पर जनता को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी सरकार ने जनजातियों के विकास और हितों के मद्देनजर बीते ढाई साल में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये हैं। जिसमें लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की  जमीन वापसी, जेलों में बंद आदिवासियों के मामलों की समीक्षा, जिला खनिज न्यास के पैसों से आदिवासियों के जीवन स्तर में सुधार, बस्तर और सरगुजा में कर्मचारी चयन बोर्ड की स्थापना और यहां आदिवासी विकास प्राधिकरणों में स्थानीय अध्यक्ष की नियुक्ति, 52 वनोपजों की समर्थन मूल्य में खरीदी, आदिवासी क्षेत्रों में नई प्रशासनिक इकाइयों का गठन, वनांचल में नई सडकों का निर्माण, दूर दराज के हाट बाजारों तक स्वास्थ्य सुविधाए मुहैया करवाने जैसे कई प्रयास आदिवासी समाज के विकास के लिए किए गए हैं।छत्तीसगढ़ में पहले से ही आदिवासी दिवस के मौके पर सार्वजनिक आवकाश घोषित है।

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मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, अनुसूचित जाति एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री मोहम्मद अकबर समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधी और अफसर मौजूद थे।