एमपी के कृषि मंत्री कमल पटेल के जिले हरदा में तीन किसानों ने किया आत्महत्या का प्रयास

Farmer Suicide in MP: हरदा में समिति कार्यालय के बाहर तीन किसानों ने जहर पीकर की जान देने की कोशिश, चने का पैसा नहीं मिलने से थे परेशान, कांग्रेस ने कहा कुछ तो बोलें मंत्री

Updated: Sep-24, 2020, 11:54 PM IST

एमपी के कृषि मंत्री कमल पटेल के जिले हरदा में तीन किसानों ने किया आत्महत्या का प्रयास

भोपाल। हरदा के खिरकिया में तीन किसानों ने आत्महत्या की कोशिश की। बेचे गए चने का पैसा नहीं मिलने से परेशान नीमगांव के किसान सूरज पंवार, धनगांव के संदीप बाबल और सारंगपुर के परमानंद ने खुदकुशी की कोशिश की है। किसानों ने समिति कार्यालय के बाहर जहर पी लिया। किसानों की आत्महत्या की कोशिश का वीडियो वायरल हो रहा है। जहर पीने वाले किसानों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और कृषि मंत्री कमल पटेल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने ट्वीटर अकाउंट पर किसान की आत्महत्या का वायरल वीडियो शेयर करते हुए मध्यप्रदेश सरकार पर सवाल उठाएं हैं। अरुण यादव ने लिखा है कि ‘एक सप्ताह के अंदर दूसरे किसान ने कृषि मंत्री के गृह जिले हरदा में आत्महत्या करने की कोशिश की।

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उन्होंने सवाल किया है कि ‘क्या मुख्यमंत्री शिवराज जी एवं कृषि मंत्री कमल पटेल जी इस ह्रदयस्पर्शी घटना को लेकर कुछ बोलने की स्थिति में है’, क्योंकि यह दोनों ही अधिक बोलने की बीमारी से ग्रस्त है?’

पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव का कहना है कि बीजेपी जब विपक्ष में होती है तभी किसानों की सुध लेने की याद आती है, लेकिन सत्ता में आते ही किसान विरोधी निर्णय लेती है। जिससे किसान आत्महत्या जैसे घातक कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। बीजेपी के किसान विरोधी निर्णयों की वजह से किसान हताश होकर आत्महत्या जैसे दुःखद कदम उठाने को मजबूर हैं। सचिन यादव ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रदेश में किसानों की स्थिति को सम्हालें ताकि किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर नहीं होना पड़े।

आपको बता दें कि हरदा जिले के खिरकिया तहसील के किसान चने का भुगतान नहीं होने से दु:खी थे। किसान ने सहकारी समिति चौकड़ी में अपना चना बेचा था। कई बार पैसा नहीं मिलने की शिकायत करने की, लेकिन जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो किसानों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था, और चेतावनी दी थी कि अगर उन्हे 72 घंटे के अंदर चने का भुगतान नहीं किया गया तो वे आत्महत्या कर लेंगे।