अमेरिका-इजरायल और ईरान के जारी जंग अब विगत पांच दिनों से जारी जंग अब भयावह रूप ले चुका है। इजरायल लगातार ईरान के विभिन्न शहरों पर मिसाइलों की बारिश कर रहा है।।वहीं, यूएस-इजरायल के हमलों का जवाब ईरान की ओर से दिया जा रहा है। ईरान इजरायल के अलावा खाड़ी में उन देशों को भी निशाना बना रहा है, जहां पर अमेरिका के सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका के तट पर ईरानी युद्धपोत पर पनडुब्बी से हमला हुआ है। इस ईरानी जहाज को अमेरिकी पनडुब्बी ने डुबोया। घटना में कम से कम 80 लोगों की मौत की सूचना है। वहीं, बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। इस शिप में 180 लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि यह युद्धपोत भारत से वापस ईरान लौट रहा था।
आईआरआईएनएस देना नाम युद्धपोत भारत में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2026 में भाग लेने के लिए पहुंचा था और इस कार्यक्रम के पूरा होने के बाद वापस लौट रहा था। दो हफ्ते पहले इस ईरानी जहाज का विशाखापत्तनम में पूर्वी नौसेना ने स्वागत किया था। हमले के तुरंत बाद इस बात की जानकारी सामने नहीं आ सकी कि यह हमला किसकी ओर से किया गया था। लेकिन हमले के कुछ देर बाद अमेरिका ने बताया कि ईरानी जहाज पर हमला करने वाली पनडुब्बी उसकी थी।
एक बयान में अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि बुधवार को अमेरिका ने श्रीलंका के पास एक ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबो दिया। घटना में 150 से अधिक लोग लापता हैं। अमेरिका की ओर से दावा किया गया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुश्मन पर किया गया यह पहला ऐसा हमला था।
बता दें कि यूएस-इजरायल ईरान के अलग-अलग शहरों को निशाना बनाकर हमले कर रहे हैं। हवाई हमले में तेहरान के कई इलाके बुरी तरीके से ध्वस्त हो चुके हैं। इस युद्ध के दौरान इजरायल ने ईरानी नेतृत्व और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में इस्लामी गणराज्य ने इजरायल और पूरे क्षेत्र पर मिसाइलों की बारिश कर दी।
इजरायली हमले पर पलटवार करते हुए ईरान ने यरुशलम समेत कई इजरायली शहरों को एक साथ निशाना बनाया और मिसाइलें दागीं। उधर, तेहरान खाड़ी क्षेत्र में उन देशों को निशाना बना रहा है, जहां-जहां अमेरिका के सैन्य बेस मौजूद हैं। ईरान ने यूएई, दुबई, कतर, कुवैत, जॉर्डन और ओमान को भी निशाना बनाया।