काबुल। आतंक के कहर से जूझ रहे अफगानिस्तान में अब सरकार के हाथ से राजधानी काबुल भी फिसलती नजर आ रही है। खबर है कि तालिबानी आतंकी काबुल जीतने की दहलीज पर पहुंच गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अफगानिस्तान सरकार ने खुद कबूला है कि तालिबानी लड़ाकों ने राजधानी को चारों ओर से घेर लिया है। इतना ही नहीं उन्होंने काबुल से बाहर निकलने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया था। साथ ही बड़ी संख्या में हथियारबंद लड़ाके सभी सीमाओं से राजधानी के बाहरी हिस्सों में दाखिल हो चुके हैं। 

रविवार सुबह तालिबान की चढ़ाई के बाद सभी कार्यालयों से कर्मचारियों को वापस घर भेज दिया गया। हालांकि, तालिबान ने अबतक काबुल में दाखिल होने से संबंधित कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। तालिबान ने एक बयान जारी कर ये जरूर कहा है कि काबुल में जबरन घुसने का उनका कोई इरादा नहीं है। तालिबान ने सेना को आगाह किया है कि वो उनके रास्ते में न आएं और न ही कोई नागरिक उनका विरोध करें।

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तालिबान ने कहा है कि वे हिंसा नहीं चाहते। सभी को माफ कर दिया जाएगा जाएगा। इसके लिए सभी लोग अपने-अपने घरों में ही रहें। इससे पहले आज ही तालिबान ने काबुल के बाहर आखिरी सबसे बड़े शहर जलालाबाद पर कब्जा कर लिया था। ऐसे में अफगानिस्तान सरकार के नियंत्रण में काबुल के अलावा देश की सिर्फ 6 प्रांतीय राजधानियां ही हैं। इनपर अबतक तालिबान का पूरी तरह से कब्जा नहीं है। अफगानिस्तान में कुल 34 प्रांत हैं, जिनमें 27 प्रांत पर तालिबान ने कब्जा कर लिया है।

इसके पहले शनिवार को अफगानिस्तान के चौथे सबसे बड़े शहर मजार-ए-शरीफ पर शनिवार को ताबड़तोड़ हमलों के बाद तालिबान ने कब्जा कर लिया था। इसके साथ ही देश के पूरे उत्तरी और दाक्षिणी हिस्सों पर चरमपंथियों का कब्जा हो गया है। उधर कल राष्ट्रपति अशरफ गनी ने समझौते की ओर इशारा करते हुए कहा था कि पिछले 20 साल की उपलब्धियों को ऐसे बेकार नहीं जाने दिया जाएगा।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में जैसे-जैसे तालिबान का कब्जा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे उनकी क्रूरता भी हदें पार करने लगी है। आम नागरिकों पर चरमपंथियों की क्रूरता झकझोर कर रखने वाली है। उनकी बेरहमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे युवतियों को घरों से जबरन उठाकर ले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि तालिबान ने अपने लड़ाकों को इस बात के लिए छूट दे रखी है कि उन्हें जो पसंद आए उससे शादी कर लें।