विधवा महिला का मकान तोड़ने के मामले में घिरा भोपाल नगर निगम, मानवाधिकार आयोग ने भेजा नोटिस

भोपाल नगर निगम अतिक्रमण दस्ते द्वारा न्यू मार्केट में विधवा महिला कनीजा बी का मकान तोड़ दिया गया था, इसके बाद उन्हें हार्ट अटैक आया और अस्पताल में भर्ती कराया गया

Updated: Aug 31, 2022, 10:36 AM IST

विधवा महिला का मकान तोड़ने के मामले में घिरा भोपाल नगर निगम, मानवाधिकार आयोग ने भेजा नोटिस

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक विधवा महिला का मकान तोड़ने के मामले में नगर निगम के अधिकारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले को संज्ञान में लेते हुए निगम को नोटिस भेजा है। बता दें कि मकान धराशाई होता देख महिला को हार्ट अटैक आ गया था।

दरअसल, 20 अगस्त को न्यू मार्केट में नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने गई थी। इसी दौरान स्थानीय लोगों और निगम अधिकारियों के बीच बहस हो गई। बताया जाता है कि बहस के दौरान ही अल्ताफ नाम के युवक ने किसी कर्मचारी को थप्पड़ जड़ दिया। इसी बात से गुस्सा होकर 27 अगस्त को नगर निगम की टीम ने उसकी मां कनीजा बी के घर को जमींदोज कर दिया। जबकि उन्हें यह आवास प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें दिया गया था। 

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रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मकान में ना तो अल्ताफ रहता था और ना ही इसका निर्माण उसने करवाया था। फिर भी नगर निगम अधिकारियों ने बिना जानकारी जुटाए मकान को गिरा दिया। इस कार्रवाई के बाद से ही अल्ताफ की मां कनीजा बी सदमे में हैं और उन्हें हार्ट अटैक भी आ गया। गंभीर स्थितियों में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कनीजा बी के पास प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी प्रमाण पत्र थे। कांग्रेस ने इसे मानव अधिकारों का हनन करार दिया है। साथ ही कांग्रेस पार्षदों ने मानव अधिकार आयोग में उपस्थित होकर दावा प्रस्तुत किया।

मामले में मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष ने भोपाल कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (नगरीय) और निगम कमिश्नर को नोटिस भेजकर 9 सितंबर तक जवाब मांगा है। नगर निगम भोपाल में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जैकी ने कहा कि, 'अल्ताफ का यह मकान उसकी मां के नाम था और इसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित किया गया था। ऐसे में बेटे की जुर्म की सजा उसकी मां को क्यों दी जा रही है। मकान तोड़ने के बाद से उसकी मां बेघर हो गई है और अस्पताल में भर्ती हैं। एक ओर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को मकान और छत दिए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर उनके आशियाने छीने जा रहे हैं।'