Indore: कलेक्टर के पास मिलने का समय नहीं विधायक का धरना

Congress विधायक संजय शुक्ला ने कहा कि ठेले, रेहड़ी वालों किया जा रहा परेशान, सामान जब्त करना, चालान काटना, ठेला पलटना ठीक नहीं

Updated: Jul-28, 2020, 12:44 AM IST

Indore: कलेक्टर के पास मिलने का समय नहीं विधायक का धरना

इंदौर। लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा मार सड़क किनारे दुकान वालों पर पड़ी है। जैसे-तैसे वे गुजारा करने के लिए सड़क पर सामान बेच रहे हैं। तभी नगर निगमकर्मियों द्वारा गरीब ठेलेवाले, रेहड़ी वालों को परेशान लिया जा रहा है। गरीबों पर निगम व ज़िला प्रशासन की सख्ती को अत्याचार बताते हुए कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला मैदान में आ गए हैं। आज जब इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला और शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल मिलने पहुंचे तो कलेक्टर मनीष सिंह ने मिलने का समय नहीं दिया। इससे नाराज़ विधायक संजय शुक्ला कलेक्टर के कक्ष के बाहर ही धरने पर बैठ गए। जन प्रतिनिधि के इस रूप को देख कलेक्टर मनीष सिंह ने बाहर आ कर मुलाक़ात की और उनकी बात सुनी। 

शहर में व्यापारियों की परेशानी को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने अपने कार्यालय में व्यापारियों के साथ बैठक की। तभी शहर के कांग्रेसी नेता बाजारों को खोले जाने की छूट देने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। नेताओं का कहना था कि शहर के मध्यम व्यापारियों सहित ठेले व्यापारी आर्थिक परेशानियों का समाना कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें ठेले लगाने और व्यापार की छूट देना बेहद जरूरी है। कलेक्टर द्वारा मिलने से आनाकानी करने के बाद कांग्रेसी नेता दफ्तर के बाहर ही धरने पर बैठ गए। 

थोड़ी देर बाद जिलाधिकारी मनीष सिंह आखिरकार अपने कमरे के बाहर कांग्रेसी नेताओं से मिलने पहुंचे। संजय शुक्ला और विनय बाकलीवाल ने कलेक्टर मनीष सिंह को शहर के गरीब वर्ग की व्यथा से रूबरू कराया। कलेक्टर मनीष सिंह ने नेताओं की मांग सुनने के बाद उनसे प्रदर्शन रोक देने की मांग की। कांग्रेसी नेताओं ने कलेक्टर की समझाइश के बाद अपना प्रदर्शन रोक दिया।

कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला का कहना है कि इंदौर की जनता ने सरकार के सभी आदेशों का पालन किया, लेकिन पिछले कई दिनों से देखने में आ रहा है कि प्रशासन भारी मनमानी और हठधर्मिता पर उतारू है। अनलाॅक में सबसे अधिक अत्याचार गरीबों पर हो रहे हैं। कोरोना महामारी में लाॅकडाउन में 3 महीने से घर पर बैठे छोटे धंधे वाले, ठेले, रेहड़ी वालों ने ब्याज पर पैसा लेकर जैसे-तैसे अपना धंधा शुरू किया, लेकिन प्रशासन की शह पर नगर निगम के कर्मचारी गरीब धंधे वालों पर भारी अत्याचार कर रहे हैं। सामान जब्त करना, चालान काटना, जगह-जगह से बेइज्जती करके भगाना, ठेला पलटा देना जैसे दृश्य आम हो गए हैं। अब प्रशासन की मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी।