सिंधिया के उड्डयन मंत्री बनने पर कमल नाथ का तंज, देखते हैं ये गाड़ी कैसे चलती है

कमल नाथ ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी तंज कसा है, कमल नाथ ने कहा है कि मोदी दाढ़ी बढ़ाने के बाद अच्छे लगते हैं

Publish: Jul 09, 2021, 04:09 PM IST

सिंधिया के उड्डयन मंत्री बनने पर कमल नाथ का तंज, देखते हैं ये गाड़ी कैसे चलती है
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भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के उड्डयन मंत्री बनने पर तंज कसा है। कमल नाथ ने सिंधिया के मंत्री बनने पर कहा कि देखते हैं कि आगे गाड़ी कैसे चलती है। वहीं कमल नाथ ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी तंज कसते हुए कहा कि दाढ़ी बढ़ाने के बाद मोदी अच्छे लगते हैं।  

कमल नाथ आज मध्यप्रदेश के नवनियुक्त राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट करने पहुंचे थे। राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद कमल नाथ से जब सिंधिया के मंत्री बनने पर जब प्रतिक्रिया मांगी गई, तब कमल नाथ ने ये कहा कि यह बीजेपी और सिंधिया का आपसी मामला है। देखते हैं ये गाड़ी आगे कैसे चलती है। वहीं बढ़ती महंगाई को लेकर कमल नाथ ने प्रधानमंत्री मोदी के पुराने भाषणों का ज़िक्र करते हुए कहा कि पहले तो मोदी बहुत लंबे लंबे भाषण दिया करते थे। लेकिन अब उनके भाषण कहां हैं? उन्होंने दाढ़ी बढ़ा ली है तो अच्छे लगते हैं।  

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आदिवासियों के लिए सुरक्षित नहीं रह गया मध्यप्रदेश 

कमल नाथ ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाक़ात कर ओबीसी आरक्षण के लिए कांग्रेस सरकार की बनाई गई नीति को मध्यप्रदेश में लागू करवाने की मांग की। इसके साथ ही कमल नाथ ने मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों के साथ हो रही हिंसक घटनाओं को लेकर भी राज्यपाल को अवगत कराया। कमल नाथ ने मुलाकात के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने राज्यपाल से मध्यप्रदेश में आदिवासियों की स्थिति से भी अवगत कराया। कमल नाथ ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को प्रदेश में आदिवासियों के खिलाफ हो रही हिंसक घटनाओं के बारे में बताया। 

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कमल नाथ ने कहा कि आज प्रदेश में आदिवासी सुरक्षित नहीं हैं। हाल ही में प्रदेश में आदिवासियों के खिलाफ जितनी हिंसक घटनाएं हुई हैं, उतनी इतिहास में कभी नहीं हुई हैं। कमल नाथ ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को इस बात की जानकारी भी दी कि उन्हें आदिवासी इलाकों में काम करने का अच्छा ख़ासा अनुभव है। जितनी बड़ी तादाद में आदिवासी मध्यप्रदेश में रहते हैं उतना देश के किसी भी राज्य में नहीं है। लेकिन आज प्रदेश में आदिवासियों की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है।