MP Minister: पन्ना में पार्टी, बिना मास्क के मंत्री

Forest Minister of MP: पन्ना टाइगर रिजर्व में हाल ही में दो बाघों की मौत के बाद वन मंत्री विजय शाह के दौरे पर उठे सवाल, बिना मास्क के मंत्री जी पर सवालों की बौछार

Updated: Aug-02, 2020, 05:37 PM IST

MP Minister: पन्ना में पार्टी, बिना मास्क के मंत्री

भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय कोरोना के संकट काल से गुज़र रहा है। दिन प्रतिदिन राज्य में कोरोना से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। प्रदेश में कोरोना को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार 14 अगस्त तक राज्य भर में किल कोरोना अभियान चला रही है। लेकिन रोक के बाद भी मंत्री दौरे कर रहे हैं बिना मास्क लोगों से मिल रहे हैं। शिवराज सरकार में वन मंत्री विजय शाह पन्ना में बिना मास्क देखे गए तो  स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी दौर  कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर शिवराज के वन मंत्री विजय शाह की एक तस्वीर तेज़ी से वायरल हो रही है। तस्वीर में विजय शाह सामूहिक चर्चा करते नज़र आ रहे हैं। विजय शाह के आस पास लोगों का जमावड़ा है। टेबल पर नाश्ता पानी सब मौजूद है। लेकिन मंत्री जी के चेहरे से मास्क पूरी तरह से नदारद है। सोशल मीडिया पर लोग वन मंत्री की तस्वीर साझा करते हुए उनकी खूब आलोचना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर अपना क्रोध ज़ाहिर करते हुए लोग पूछ रहे हैं कि जब कानून बनाने वाले ही कानून तोड़ेंगे तो प्रदेश से कोरोना का प्रकोप कैसे ख़त्म हो पाएगा। कुछ लोग पिछले एक महीने में पन्ना टाइगर रिज़र्व में दो बाघों की मौत को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि वन मंत्री बाघों की मौत से चिंता में व्यस्त होने के बनिस्बत पेट पूजा में व्यस्त हैं।

ग़ौरतलब है कि इससे पहले गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा मास्क न लगाने और सोशल डिस्टेंस का पालन न करने के कारण आलोचना झेल चुके हैं। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मास्क लगा कर मीडिया से बात की थी। 

क्या इन मंत्रियों पर कार्रवाई होगी ?
पीसीसी अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया था कि कोई भी मंत्री न तो राजनीतिक दौरा करेगा और न ही किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में उपस्थित नहीं होंगे। लेकिन राज्य सरकार के वन मंत्री विजय शाह की बिना मास्क लगाए तस्वीर वायरल हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ कैबिनेट के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी रायसेन दौरे पर पहुँच गए। राज्य सरकार नियमों की अनदेखी करने वाले अपने मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई कब करेगी?