अब आमिर खान के विज्ञापन से आहत हुई नरोत्तम मिश्रा की भावनाएं, बोले- ये परंपराओं के विरुद्ध

विज्ञापन में आमिर खान शादी के बाद दुल्हन के गृह प्रवेश करने के उलट घर जमाई के रूप में ससुराल में गृह प्रवेश करते नजर आ रहे हैं।

Updated: Oct 12, 2022, 06:48 PM IST

अब आमिर खान के विज्ञापन से आहत हुई नरोत्तम मिश्रा की भावनाएं, बोले- ये परंपराओं के विरुद्ध

भोपाल। मध्य प्रदेश बीजेपी के नेताओं में टीजर/ट्रेलर और विज्ञापन देखकर भावनाएं आहत कराने की होड़ लगी हुई है। 'ओह माय गॉड' फिल्म के ट्रेलर से चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग और 'आदिपुरूष' फिल्म के टीजर से गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की भावनाएं आहत होने का मामला अभी थमा भी नहीं की अब एक विज्ञापन ने पहले से आहत भावनाओं को एक बार फिर से आहत कर दिया है।

इस बार भावनाओं को आहत मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर अभिनेता आमिर खान और अभिनेत्री कियारा आडवाणी की एक विज्ञापन ने किया है। यह विज्ञापन एक निजी बैंक का है, जिसमें आमिर खान शादी के बाद दुल्हन के गृह प्रवेश करने के उलट घर जमाई के रूप में ससुराल में गृह प्रवेश करते नजर आ रहे हैं। विज्ञापन में आमिर खान और कियारा को पति-पत्नी के रूप में दिखाया गया है।

विज्ञापन में दिखाया गया है कि दोनों शादी के बाद अपने घर जा रहे हैं। इस दौरान आमिर कहते हैं कि इस बार विदाई के समय कोई रोया नहीं। दरअसल, कियारा के बजाय आमिर की विदाई होती है। इसका कारण लड़की के पिता की बीमारी है। ससुर की बीमारी के कारण आमिर अपनी पत्नी के साथ उनके रहकर उनका ख्याल रखने का फैसला करते हैं। विज्ञापन में  दूल्हा अपने नए घर में प्रवेश करता है। घर में दुल्हन की तरह उनका वेलकम होता है। इसके बाद आमिर एक बैंक में नजर आते हैं। यहां वो कहते हैं- ‘सदियों से चली आ रही परंपरा क्यों चलती रहें? इसलिए हम बैंकिंग परंपरा पर सवाल उठाते हैं।'

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस विज्ञापन पर ऐतराज़ जताते हुए आमिर खान को नसीहत दी है। मिश्रा ने कहा कि, 'आमिर खान ने एक निजी बैंक के विज्ञापन में गृह प्रवेश को लेकर जिस तरह का संदेश दिया, वो आहत करने वाला है। वह धार्मिक आस्था व रीति रिवाजों पर सीधा प्रहार है। मुझे इस संबंध में शिकायत भी मिली है। मेरा तो आमिर खान जी से यही कहना है कि वह जो भी फिल्में व विज्ञापन करें, उसमें भारतीय परंपराओं और संस्कारों का ध्यान रखें। कोई ऐसा काम नहीं करें, जिससे किसी की भी धार्मिक भावनाएं आहत हो। लगातार तोड़मरोड़ कर अभिनय कर वह धर्म विशेष की भावनाओं को आहत करने का प्रयास कर रहे हैं, जो सरासर गलत है।'