कांग्रेस और राष्ट्र निर्माण की गाथा: विधानसभा चुनाव से पहले एमपी कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ छेड़ी वैचारिक जंग

कांग्रेस और राष्ट्र निर्माण की गाथा किताब में लिखा गया है कि भाजपा खुद को राष्ट्रवादी पार्टी कहती है लेकिन सच्चाई यह है कि जब आजादी की लड़ाई में राष्ट्रवाद दिखाने का सही समय था तब इनके पूर्ववर्ती संगठन खामोश थे या आजादी की लड़ाई का विरोध कर रहे थे।

Updated: Jan 16, 2023, 09:04 AM IST

कांग्रेस और राष्ट्र निर्माण की गाथा: विधानसभा चुनाव से पहले एमपी कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ छेड़ी वैचारिक जंग

भोपाल। आजादी से पहले और आजादी के बाद कांग्रेस की भूमिका को विस्तार से बताने वाली पुस्तक 'कांग्रेस और राष्ट्रनिर्माण की गाथा' के जरिए मध्य प्रदेश कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ वैचारिक जंग छेड़ दी है। इस पुस्तक को लेकर जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है वहीं सत्ताधारी दल बीजेपी की बौखलाहट खुलकर सामने आ गई है। इस पुस्तक में स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, हिंदू महासभा, मुस्लिम लीग जैसे संगठनों की भूमिका के लेकर सवाल उठाए गए हैं।

"कांग्रेस और राष्ट्र निर्माण की गाथा" पुस्तक के लेखक पीसीसी चीफ कमलनाथ के मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले हैं। उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि “कांग्रेस और आजाद हिंद फौज जैसी राष्ट्रवादी शक्तियां स्वतंत्रता के लिए काम कर रही थीं तो वहीं मुस्लिम लीग और हिंदू दक्षिणपंथी संगठन की भूमिका नकारात्मक थी। मुस्लिम लीग के प्रमुख नेता मोहम्मद अली जिन्ना के कारण देश का विभाजन हुआ।"

पीयूष बबेले आगे लिखते हैं कि, "मुस्लिम लीग ने कभी अंग्रेजों के खिलाफ कोई आंदोलन नहीं किया बल्कि अंग्रेजों की तारीफ की। इसी तरह का व्यवहार हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों का भी रहा। जिनमें मुख्य रूप से आरएसएस और हिंदू महासभा शामिल हैं। इन दोनों संगठनों के सहयोग से पहले जनसंघ और बाद में भाजपा पार्टी का उदय हुआ। भाजपा खुद को राष्ट्रवादी पार्टी कहती है लेकिन सच्चाई यह है कि जब आजादी की लड़ाई में राष्ट्रवाद दिखाने का सही समय था तब इनके पूर्ववर्ती संगठन खामोश थे या आजादी की लड़ाई का विरोध कर रहे थे।" 

किताब जारी होते ही मध्य प्रदेश में सियासत गर्म हो गई है। मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि गलत इतिहास पढ़ाना और नेहरू परिवार का महिमामंडन करना कांग्रेस की आदत रही है। कांग्रेस ने हर समय देश के इतिहास को तोड़मरोड़ कर पेश किया है। केवल नेहरू परिवार का महिमामंडन हो यही कांग्रेस की रीति-नीति है। राहुल गांधी वीर सावरकर का अपमान करते हैं। नेहरू परिवार ने हमेशा राष्ट्रभक्तों को नीचा दिखाया है। आज की कांग्रेस गांधी और पटेल की कांग्रेस नहीं है। 

कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष के के मिश्रा ने इसपर पलटवार करते हुए कहा कि हम नेहरू गांधी परिवार का  महिमामंडन इसलिए करते हैं क्योंकि उन्होंने देश की आजादी में अहम योगदान दिया है। भाजपा के किसी नेता ने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया हो तो वह बताएं। हम खुद इस किताब को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को देंगे ताकि वह आजादी में कांग्रेस के योगदान को समझ सकें। किताब के लेखक पीयूष बबेले का कहना है किताब के कारण बीजेपी को दुखी होने की जरूरत नहीं है। किताब के जरिए सच्ची बातों को सामने लाया गया है। इतिहास को कोई नकार नहीं सकता, सच्चाई को झूठलाया नहीं जा सकता।