उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के मौके पर सोमवार को भारी भीड़ के बीच नागचंद्रेश्वर मंदिर के पास कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। परिसर में करंट फैलने की अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में अचानक डर फैल गया और लोग भीड़ के बीच इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान धक्का-मुक्की और भीड़ के दबाव में कई श्रद्धालु गिर गए। करीब 13 लोगों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें परिजन और सुरक्षाकर्मी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां उनका इलाज और निगरानी जारी है। हालांकि, मंदिर प्रशासन ने किसी भगदड़ या अप्रिय घटना से इनकार किया है और दर्शन व्यवस्था सामान्य बताया है।

घटना के सामने आए वीडियो में मंदिर परिसर और बैरिकेडिंग वाले रास्तों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु नजर आ रहे हैं। नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लंबी कतार लगी थी। भीड़ का दबाव बढ़ने के दौरान कुछ लोग बेसुध होकर गिर पड़े थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नागचंद्रेश्वर मंदिर के बाहर अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बनी। एक लड़का बैरिकेडिंग में गिरकर फंस गया था। हालांकि, उसे चोट नहीं आई है।

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उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए बैरिकेडिंग में करीब 40 हजार श्रद्धालु कतार में थे। इसी दौरान अफवाह फैलने से कुछ समय के लिए स्थिति बिगड़ी, लेकिन पुलिस ने हालात को नियंत्रित कर लिया। उन्होंने बताया कि इस दिन तीन बड़े आयोजन एक साथ होने के कारण मंदिर क्षेत्र में असाधारण भीड़ है।

दरअसल भगवान नागचंद्रेश्वर का मंदिर महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। नागपंचमी के दिन ही इसके कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं और साल में बाकी समय मंदिर के पट बंद रहते हैं। यही वजह है कि नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। इस बार दो बड़े धार्मिक अवसर एक साथ होने के कारण भीड़ और बढ़ गई।

मंदिर प्रशासन के मुताबिक, दोपहर 12 बजे तक 6 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर चुके थे। जबकि, 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा कि नागपंचमी पर नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन लगातार और व्यवस्थित तरीके से चल रहे हैं। उनके मुताबिक, मंदिर परिसर में किसी तरह की अफरा-तफरी या अप्रिय घटना नहीं हुई और श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराए जा रहे हैं।

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प्रशासन ने इस बार भीड़ को देखते हुए पहले से व्यापक इंतजाम किए थे। उज्जैन कलेक्टर रौशन सिंह, मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक और एसपी प्रदीप शर्मा पिछले एक सप्ताह से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे। पिछली बार की तुलना में अधिक पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। चारधाम मंदिर क्षेत्र से देर रात ही बैरिकेडिंग शुरू कर दी गई थी। श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए इस बार बैरिकेडिंग पहले की तुलना में चौड़ी रखी गई थी।

इसके बावजूद कई घंटे तक कतार में खड़े रहने और बढ़ते भीड़ दबाव के कारण कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। हरसिद्धि चौराहे और बड़े गणेश मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले हिस्से में भी कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति बनी।

सोमवार को सावन का तीसरा सोमवार होने के साथ नागपंचमी भी थी। इसके अलावा भगवान महाकाल की तीसरी सवारी भी निकाली जानी है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि शाम 4 बजे शुरू होने वाली सवारी में करीब 4 से 4.5 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है। मंदिर में दिनभर आने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है।

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भीड़ के दबाव के बाद अस्पताल पहुंचाए गए श्रद्धालुओं में किसनपुरा निवासी 15 वर्षीय सागर, बिहार के दरभंगा निवासी 36 वर्षीय सजीव नोनू चौधरी, ग्वालियर निवासी 20 वर्षीय खुशी, गुजरात के वासना निवासी 26 वर्षीय हरीशचंद, गुजरात निवासी 15 वर्षीय तुलसी, गुजरात निवासी 15 वर्षीय जय के अलावा लखन गोविन्द और सोनम सिंह शामिल हैं। जिला अस्पताल में सभी का उपचार किया जा रहा है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।