NTA ने रद्द की UGC-NET की इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की परीक्षा, 9 और 10 सितंबर को होगा री एग्जाम

NTA ने प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, प्रिंटिंग, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गड़बड़ियों के कारण UGC-NET 2026 के इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी पेपर रद्द कर दिए हैं। दोहराए गए सवालों के चलते अब 9 और 10 सितंबर को री-एग्जाम होगा।

Updated: Aug 17, 2026, 11:48 AM IST

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC-NET की इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में स्पेलिंग, प्रिंटिंग, टाइपिंग, अनुवाद और तथ्य संबंधी कई खामियां मिलने के बाद यह फैसला लिया गया। अब इंग्लिश और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर जबकि सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को दोबारा आयोजित होगी। री एग्जाम के लिए अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

NTA के मुताबिक, इन प्रश्नपत्रों को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से कई शिकायतें सामने आई थी। प्रोविजनल आंसर की के बाद छात्रों ने प्रश्नपत्रों में मौजूद गड़बड़ियों की जानकारी दी थी। शिकायतों की जांच के लिए बनाई गई समिति ने भी पेपरों में कई गंभीर त्रुटियां पाई। इनमें नाम गलत लिखे होने, किताबों के नाम में गड़बड़ी, प्रश्नों की गलत भाषा, व्याकरण और विराम चिह्नों से जुड़ी गलतियां शामिल थी।

जांच में यह भी सामने आया कि तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में पहले UGC-NET में पूछे जा चुके कई सवाल दोबारा शामिल कर दिए गए थे। NTA ने स्पष्ट किया कि इन समस्याओं को केवल गलत सवाल हटाकर ठीक करना संभव नहीं था। इसी वजह से पूरी परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया।

नए शेड्यूल के अनुसार, इंग्लिश विषय की परीक्षा 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। इसी दिन कॉमर्स का पेपर दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किया जाएगा। सोशियोलॉजी की परीक्षा 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवारों से दोबारा आवेदन या परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।

NTA ने रविवार सुबह UGC-NET के कुल 87 विषयों में से 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर की जारी की थी। हालांकि, इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की आंसर की जारी नहीं की गई। इन तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में मिली खामियों के कारण प्रक्रिया को रोककर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया गया।

इस पूरे मामले की जांच के लिए NTA ने शिकायतें मिलने के बाद एक समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट में प्रश्नपत्रों की भाषा और प्रस्तुति से लेकर तथ्यात्मक स्तर तक कई कमियां सामने आई। इसके अलावा दोहराए गए प्रश्नों की संख्या भी काफी अधिक बताई गई।

UGC-NET को लेकर NTA का यह फैसला ऐसे समय आया है जब परीक्षा एजेंसी पहले भी कई परीक्षाओं को लेकर विवादों में रही है। इसी साल 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक का मामला सामने आया था। जिसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई थी। इससे पहले 2024 में भी NEET परीक्षा के पेपर लीक को लेकर NTA को सवालों का सामना करना पड़ा था।