ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हंगामा, एंट्री नहीं मिलने पर भड़के व्यापारी, अफसरों पर लगाए पैसे लेने का आरोप

एनआरआई समिट के बाद अब कुव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, मालवा चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स के डेलीगेट्स को आमंत्रित करने के बाद भी मीटिंग हॉल में नहीं जाने दिया।

Updated: Jan 11, 2023, 06:26 PM IST

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हंगामा, एंट्री नहीं मिलने पर भड़के व्यापारी, अफसरों पर लगाए पैसे लेने का आरोप

इंदौर। एनआरआई समिट के बाद अब ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भी कुव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई। प्रवासियों के बाद समिट में व्यापारियों ने बुधवार को हंगामा कर दिया। व्यापारियों ने शासकीय अफसरों पर पैसे लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब वे एंट्री तक नहीं दिला रहे हैं।

हंगामा करने वाले सभी बिजनेसमैन रतलाम, मंदसौर और नीमच के हैं। इनका कहना है कि वे मालवा चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स के सदस्य हैं। कुल 47 डेलीगेट्स को इंदौर के अधिकारियों ने बुलाया था। सभी से दो हजार रुपए लिए गए और वादा किया गया था कि शीर्ष राजनेताओं और अधिकारियों से उनकी मुलाकात करवाई जाएगी। लेकिन उन्हें कार्यक्रम वाले हॉल में एंट्री तक नहीं दी गई।

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मालवा चैंबर ऑफ कॉमर्स के वरुण पोरवाल ने कहा एक सप्ताह पहले मीटिंग की थी। हमसे पैसे ले लिए।कहा समिट में बायर-सेलर मीट कराएंगे। यहां आए तो अंदर नहीं जाने दे रहे। धूप में खड़ा करके छोड़ दिया। दो दिन से कह रहे हैं एंट्री के लिए आपके पास मेल आएगा, क्यूआर कोड आएगा, पर कुछ नहीं भेजा। हम यहां सुबह 7.30 बजे से परेशान हो रहे हैं।

मंदसौर, रतलाम, नीमच से 47 व्यापारी आए थे। अधिकारी उनका फोन तक नहीं उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि, 'हम क्या चोर हैं। अपना काम छोड़कर अपने खर्च पर यहां आए हैं। अब हमसे कह रहे हैं रुपए वापस कर देंगे। हमारी क्या यही वैल्यू है।' विपक्षी दल कांग्रेस ने कुव्यवस्थाओं को लेकर शिवराज सरकार पर हमलावर है।

इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार के द्वारा प्रवासी भारतीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में दूसरे देशों से आए भारतीय नागरिकों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया। उन्हें समारोह के मुख्य सभागार में प्रवेश नहीं दिया गया। अब कार्यक्रम में भाग लेने के लिए शुल्क चुकाने के बावजूद इन व्यापारियों को धक्के मार कर निकाल दिया गया। भारतीय प्रवासी सम्मेलन एवं इन्वेस्टर्स समिट में इस तरह की बद इंतजामी से इंदौर ही नहीं पूरे प्रदेश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खराब हुई है।