ममता की जीत पर बाबुल सुप्रियो ने कहा, जनता ने एक क्रूर महिला को वोट दिया, उमर अब्दुल्ला ने कहा, रोने वाले बच्चे की तरह मत करो

बाबुल सुप्रियो टॉलीगंज से बीजेपी के उम्मीदवार थे, बाबुल सुप्रियो को टीएमसी के अरूप बिस्वास ने बड़े अंतर से पटखनी दे दी

Updated: May 03, 2021, 09:53 AM IST

ममता की जीत पर बाबुल सुप्रियो ने कहा, जनता ने एक क्रूर महिला को वोट दिया, उमर अब्दुल्ला ने कहा, रोने वाले बच्चे की तरह मत करो
Photo Courtesy: India Today

कोलकाता। ममता की जीत बीजेपी नेता बाबुल सुप्रियो को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने जनादेश का अपमान करने से भी परहेज़ नहीं किया। बाबुल सुप्रियो ने कहा कि बंगाल की जनता ने एक क्रूर महिला को वोट दे दिया। बाबुल सुप्रियो ने तो यहां तक कह डाला कि मैं इस जनादेश का सम्मान नहीं करता। इस पर उमर अब्दुल्ला ने भी चुटकी लेते हुए बाबुल सुप्रियो को हमेशा रोने वाला एक बच्चा करार दे दिया। 

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी को प्रचंड जनादेश मिला है। बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो खुद तो हारे ही लेकिन उनकी पार्टी को भी इतनी करारी हार नसीब हुई कि चुनावी अभियान के दौरान बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं के दावे फुस्स हो गए। बाबुल सुप्रियो इस हार को नहीं पचा पाए और सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाल दी। 

बाबुल सुप्रियो ने कहा कि 'न ही मैं ममता बनर्जी को जीत की बधाई दूंगा और न ही यह कहूंगा कि मैं लोगों के जनादेश का सम्मान करता हूं। बाबुल सुप्रियो ने कहा कि बंगाल के लोगों ने बीजेपी को न चुन कर एक ऐतिहासिक भूल कर दी है। क्योंकि बंगाल की जनता ने एक बार फिर एक भ्रष्ट और बेईमान सरकार को चुन लिया है। हां, लेकिन एक कानून का पालन करने वाले नागरिक के तौर पर मैं लोगों के निर्णय का ज़रूर पालन करूंगा।'

हालांकि बाद में बाबुल सुप्रियो ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया। लेकिन बीजेपी नेता के ट्वीट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तैरने लगे। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बाबुल सुप्रियो पर तंज कसते हुए उन्हें एक रोने वाला बच्चा करार दे दिया। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 'कोशिश करिए, रोने वाले बच्चे मत बनिए।'

बाबुल सुप्रियो खुद की सीट पर भी हार गए। वर्तमान में सुप्रियो आसनसोल से सांसद हैं। लेकिन बीजेपी ने उन्हें टॉलीगंज सीट से विधानसभा चुनावों में भी उतारा था। लेकिन सुप्रियो टीएमसी के अरूप बिस्वास से 50 हज़ार से ज़्यादा के वोटों के अंतर से हार गए।