PM Kisan: किसान आंदोलन के बीच बीजेपी का उत्सव, हर तहसील में बड़ी-बड़ी स्क्रीन पर पीएम मोदी देंगे भाषण

देशभर में पिछले 30 दिनों से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, आज अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के मौके पर बीजेपी सुशासन दिवस मना रही है, बीजेपी ने तहसील स्तर पर देशभर में बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगवाई हैं

Updated: Dec 25, 2020, 10:22 PM IST

PM Kisan: किसान आंदोलन के बीच बीजेपी का उत्सव, हर तहसील में बड़ी-बड़ी स्क्रीन पर पीएम मोदी देंगे भाषण
Photo Courtesy: Amar Ujala

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के एक महीने पूरे होने के साथ ही केंद्र की सत्तारूढ़ बीजेपी आज उत्सव मना रही है। देश के पूर्व पीएम दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के जयंती के मौके पर सुशासन दिवस के रूप में यह उत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान पीएम मोदी देश के किसानों को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी के संबोधन को बड़े स्तर पर प्रचारित करने के लिए बीजेपी ने पूरे देश को विशाल टीवी स्क्रीनों और पोस्टर्स से पाट दिया है।

पीएम मोदी का यह संबोधन विवादास्पद कृषि कानूनों के बचाव का प्रयास है। 18 हजार किसानों को सम्मान निधि की अगली किश्त देने । बीजेपी ने इस महा आयोजन के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने वाजपेयी जयंती के मौके पर आयोजित किसानों के लिए संबोधन में भाग लेने के लिए सभी केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, मंत्रियों, विधायकों व अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया है। 

बीजेपी हाईकमान की ओर से सभी राज्य इकाइयों को इस बाबत बाकायदा पत्र भेजे गए हैं और कहा गया है कि सभी अधिकारी व प्रतिनिधि अपने क्षेत्रों में इस संबोधन को जनता के साथ सुनें। उन्होंने निर्देश दिया है कि सभी प्रखंड में बड़ी स्क्रीन लगाई जाए ताकि वहां एकसाथ सैंकड़ों लोग पीएम को लाइव सुन सकें।वहीं जिला मुख्यालयों को कहा गया है कि भाषण शुरू होने से एक घंटे पहले ही जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाए और उसके बाद लोगों को भाषण सुनाया जाए। यह कार्यक्रम सभी मंडियों और एपीएमसी बाजारों में भी आयोजित की जाएगी।

इस मौके पर सभी जगह विशेष पम्पलेट्स भी बांटे जाएंगे जो बीजेपी ने किसानों के लिए छपवाया है। पार्टी नेतृत्व ने सभी प्रदेश नेतृत्व को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम के दौरान सभी लोगों को यह विशेष पम्पलेट्स दिया जाए, जिसमें मोदी सरकार द्वारा शुरू की गए योजनाओं से होनेवाले लाभ की विस्तृत जानकारियां दी गई है। खास बात यह है कि पम्पलेट्स की सामग्री को स्थानीय भाषाओं में अनुवाद कर बांटने के लिए कहा गया है, हालांकि इस दौरान सख्त निर्देश दिए गए हैं कि कंटेंट के साथ कोई छेड़छाड़ न किया जाए।

बीजेपी का दावा है कि देश के 19,000 से ज्यादा स्थानों पर ये कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों में देश के एक करोड़ से ज्यादा किसानों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। अकेले  उत्तर प्रदेश में 3000 स्थानों में इन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पीएम मोदी का किसानों को संबोधन बीजेपी की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें पार्टी ने किसानों आंदोलन की काट के तौर पर देशभर में 100 प्रेस कॉन्फ्रेन्स और 700 बैठकें करने का फैसला किया है। देशभर के किसान नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर पिछले एक महीने से दिल्ली की सीमाओं पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।