दिग्विजय सिंह की अपील, इस साल गणतंत्र दिवस पर किसानों को बनाएं मुख्य अतिथि

पीएम मोदी ने गणतंत्र दिवस के मौके पर ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन को बतौर मुख्य अतिथि परेड में शामिल होने का आमंत्रण भेजा था, अब जॉनसन ने भारत आने पर अपनी विवशता जताई है

Updated: Jan 06, 2021, 11:31 PM IST

दिग्विजय सिंह की अपील, इस साल गणतंत्र दिवस पर किसानों को बनाएं मुख्य अतिथि

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह गणतंत्र दिवस के आयोजन में किसानों को बतौर मुख्य अतिथि बुलाएं। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है, 'अब ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन जी नहीं आ रहे हैं तो मोदी जी किसान यूनियन के प्रतिनिधियों को गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि क्यों नहीं बना देते?' 

 

 

ट्विटर पर इस आशय के अनेक संदेश देखने को मिल रहे हैं, जब लोग किसानों के पक्ष में अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। किसानों की मांग से सहानुभूति जताते हुए मशहूर पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी ने भी ऐसी ही मांग की है। उन्होंने लिखा है कि सरकार दिल बड़ा क्यों नहीं करती।

 

किसानों ने दिया है देसी होने का सबूत

किसानों को गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि बनाने की मांग इसलिए जो़र पकड़ रही है क्योंकि सरकार किसान हितैषी बनने का दावा करती है। किसान ट्रेन से लेकर किसान सम्मेलन और गुरुद्वारा में मत्था टेकने तक अनेक मौकों पर पीएम मोदी और तमाम केंद्रीय मंत्रियों ने दावा किया कि सरकार किसानों के हित में काम कर रही है। लेकिन किसान अपनी मांग से पीछे नहीं हट रहे हैं। बीते 26 नवंबर से दिल्ली की अलग अलग सीमाओं पर और देश के अनेक हिस्सों में किसानों का आंदोलन चल रहा है।

किसान आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में भी ब्रिटिश पीएम का दौरा रद्द करने की दलील 

कुछ लोगों का यह भी मानना है कि भारत में विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलनों के कारण ही जॉनसन ने अपनी यह यात्रा रद्द कर दी है। खास बात यह है कि भारतीय किसानों ने भी ब्रिटिश पीएम से यह अपील की थी कि जबतक हमारी मांगें नहीं मान ली जाती हैं, तबतक आप भारत न आएं। साथ ही किसानों ने ब्रिटिश सांसदों को भी जॉनसन पर दबाव बनाने के लिए पत्र लिखा था। इसके पहले ब्रिटिश पार्लियामेंट में भी किसान आंदोलन को लेकर चर्चा हो चुकी है जिसमें कई सांसदों में ब्रिटिश सरकार से मांग की थी कि वह पीएम मोदी पर किसानों की मांगों को मानने के लिए दबाव बनाएं।

हालांकि भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बोरिस जॉनसन ने भारत न आ पाने की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी को खुद फोन कर दी है। बताया जा रहा है कि बोरिस जॉनसन ने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत में खेद प्रकट करते हुए कहा कि चूंकि इस समय इंग्लैंड में कोरोना के नए स्ट्रेन के कारण हालात बेकाबू हैं, लिहाज़ा उन्हें चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिटेन में ही रहना होगा और वे गणतंत्र दिवस पर भारत नहीं आ सकते।

यदि बोरिस जॉनसन भारत आते तो वे पिछले 27 सालों में मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आने वाले पहले ब्रिटिश पीएम होते। आखिरी बार सन् 1993 में तत्‍कालीन ब्रिटिश पीएम जॉन मेजर बतौर मुख्‍य अतिथि भारत आए थे। बहरहाल अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार दिग्विजय सिंह की मांग पर विचार करती है या नहीं। यदि, ऐसा होता है तो निश्चित ही इस साल के गणतंत्र दिवस का परेड स्वतंत्र भारत का सबसे ऐतिहासिक दृश्य होगा।