बच्चों को बेहतर पोषण चाहिए, मिड डे मील तत्काल शुरू करे सरकार: संसद में सोनिया गांधी ने उठाई मांग

सोनिया गांधी ने लोकसभा में कहा कि महामारी शुरू होने के बाद हमारे बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, इनके परिवारों को आजीविका के संकट का सामना करना पड़ा है, अब बच्चे स्कूल जा रहे हैं तो उन्हें पोषण की आवश्यकता है

Updated: Mar 23, 2022, 03:23 PM IST

बच्चों को बेहतर पोषण चाहिए, मिड डे मील तत्काल शुरू करे सरकार: संसद में सोनिया गांधी ने उठाई मांग

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बजट सत्र के दौरान बुधवार को एक अहम मुद्दा उठाया है। सोनिया गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार से मांग की है कि बच्चों को पोषण देने के लिए तत्काल मिड डे मील शुरू किया जाए। उन्होंने स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए कम्युनिटी किचन खोलने की भी मांग की है।

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के छठवें दिन लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सोनिया गांधी ने कहा कि, 'मैं एक जरुरी मामले पर बोलना चाहती हूं जो हमारे देश के सामुहिक भविष्य को प्रभावित करता है। महामारी शुरू होने के बाद हमारे बच्चों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। देश के सभी संस्थाओं में स्कूल सबसे पहले बंद हुए और सबसे आखिर में खुले। जब स्कूल बंद हुए तो मिड डे मील की व्यवस्था भी रुक गई थी।'

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रायबरेली सांसद ने आगे कहा कि, 'ये तो फ़ूड सिक्योरिटी एक्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश थे जिनके कारण लोगों को सूखा राशन दिया गया। लेकिन बच्चों के लिए सूखा राशन, पौष्टिक और पके हुए भोजन का कोई विकल्प नहीं है। ये सच है कि कोविड काल में इन बच्चों के परिवारों को आजीविका के संकट का सामना करना पड़ा है। ऐसा संकट जिसका सामना बीते वर्षों में कभी नहीं हुआ था।' 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि, 'अब बच्चे जैसे-जैसे स्कूलों में वापस आ रहे हैं, उन्हें और भी बेहतर पोषण की आवश्यकता है। मिड डे मिल से उन बच्चों को भी स्कूलों में वापस लाने में मदद मिलेगी जो इस महामारी के दौरान स्कूल छोड़ चुके हैं।' सोनिया गांधी ने नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2019-21 का हवाला देते हुए कहा कि हाल के वर्षों में 5 साल से कम के वे बच्चे जो बेहद कमजोर हैं, उनका प्रतिशत 2015-16 की तुलना में बढ़ा है। यह बेहद चिंताजनक है और इसे रोकने के लिए सरकार को हर संभव प्रयास करना चाहिए।'

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सोनिया गांधी ने आगे कहा, 'केंद्र सरकार से आग्रह है कि गर्म और पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना तत्काल आरंभ किया जाए। पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के वाजिब प्रावधान किए जाने चाहिए। साथ ही आंगनबाड़ी के माध्यम से गर्म और पका हुआ भोजन तीन साल से कम के बच्चों को और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी उपलब्ध होना चाहिए। इसके लिए कम्युनिटी किचन शुरू करने का प्रावधान किया जाना चाहिए।'