मोदी जैसे ही फेल साबित हुए पीएम केयर्स फंड से मिले वेंटिलेटर्स, राहुल गांधी की व्यथा

देशभर में पीएम केयर्स फंड से खरीदे गए वेंटीलेटर्स में गड़बड़ी की शिकायत पायी गई है, मामले उछलने के बाद सरकार ने इसकी जाँच के आदेश भी दिया हैं.. लेकिन मरीज़ों को तत्काल राहत नहीं मिल पायी है

Updated: May 17, 2021, 04:10 PM IST

मोदी जैसे ही फेल साबित हुए पीएम केयर्स फंड से मिले वेंटिलेटर्स, राहुल गांधी की व्यथा
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नई दिल्ली। कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने भारत को तबाही की कगार पर ला दिया है। देशभर में हर रोज स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के चलते अनेकों लोग असमय मौत के मुंह में चले जा रहे हैं। उधर गंभीर मरीजों के उपचार के लिए पीएम केयर्स फंड द्वारा जो वेंटिलेटर्स खरीदे गए थे, उनमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की खबर आ रही है। इस मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि पीएम मोदी और पीएम केयर्स फंड से खरीदे गए वेंटिलेटर्स दोनों फेल हैं।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'PMCares के वेंटिलेटर और स्वयं PM में कई समानताएँ हैं- दोनों का हद से ज़्यादा झूठा प्रचार, दोनों ही अपना काम करने में फ़ेल, ज़रूरत के समय, दोनों को ढूँढना मुश्किल।' 

गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में पीएम केयर फंड के तहत मिले वेंटिलेटरों के खराब होने मामला तूल पकड़ने लगा है। स्थिति यह है कि इन गड़बड़ वेंटीलेटर्स के साथ काम करने के लिए डॉक्टरों तक ने हाथ खड़ा कर दिया है। शुरुआत में तो गैर बीजेपी शासित राज्यों की सरकारें ही यह दावा कर रही थीं कि ये वेंटीलेटर्स कोई काम के नहीं हैं। लेकिन अब खुद बीजेपी शासित मध्यप्रदेश के सबसे बड़े हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों ने भी बताया है कि ये वेंटीलेटर्स खराब हैं।

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डॉक्टरों ने इस बारे में चिट्ठी लिखकर प्रशासन को चेताया था कि पीएम केयर्स फंड से जो वेंटिलेटर्स मिले हैं वे गड़बड़ हैं। डॉक्टरों ने स्पष्ट लिखा था कि इनमें न तो ऑक्सीजन फ्लो ढंग से आता है, न प्रेशर बन पाता है। इतना ही नहीं चलते-चलते वेंटिलेटर्स अचानक बंद भी हो जाते हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमित मरीजों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह भी इस बात की शिकायत कर चुके हैं कि पीएम केयर्स फंड से जो 12 वेंटिलेटर्स राज्य को मिले थे, उनमें से एक भी काम नहीं कर रहा है।

हालांकि दो दिन पहले यानी पंद्रह मई को ही पीएम ने वेंटिलेटर्स के ऑपरेशन और इंस्टॉलेशन में आ रही दिक्कतों के ऑडिट के लिए आदेश जारी किया था। यह भी शिकायत है कि कई राज्यों ने तो इन वेंटिलेटर्स को इस्तेमाल ही नहीं किया है। सो सरकार उसकी जांच भी करा रही है और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण पर भी ज़ोर देने की बात कही गई है।