रेमडेसिविर के नाम पर धोखाधड़ी का हुआ शिकार हुआ एक बाप, ठग को गाड़ी में ले जाकर किया पुलिस के हवाले

उज्ज्वल नाम का युवक बीस हजार रूपये लेकर भी रेमडेसिविर की शीशी में ग्लूकोज का पानी बेच रहा था, अब तक कई कोरोना संक्रमित मरीजों के परिजनों के साथ कर चुका है धोखाधड़ी

Updated: Apr 25, 2021, 04:52 PM IST

रेमडेसिविर के नाम पर धोखाधड़ी का हुआ शिकार हुआ एक बाप, ठग को गाड़ी में ले जाकर किया पुलिस के हवाले

इंदौर। पूरे प्रदेश भर में लोग रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए दर दर भटक रहे हैं। और कुछ असंवेदनशील लोग लोगों की इस आपदा में भी ठगी करने से बाज़ नहीं आ रहे हैं। इंदौर में एक ऐसे शख्स को पकड़ा गया है जो रेमडेसिविर इंजेक्शन की शीशी में ग्लूकोज़ का पानी डालकर बीस हज़ार रूपये में बेच रहा था। गनीमत है कि आरोपी युवक की ये करतूत एक डॉक्टर की नजर में आ गयी और उस व्यक्ति को पुलिस को हवाले कर दिया गया। 

यह मामला प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर का है। इंदौर के रहने वाले विशाल राव पिछले दस दिन से कोरोना से संक्रमित हैं। विशाल को रेमडेसिविर की सख्त जरूरत थी। ऐसे में उनके पिता अपने बीमार बेटे के लिए इंजेक्शन की तलाश में निकले लेकिन वे ठगी के शिकार हो गए और उन्हें रेमडेसिविर के नाम पर एक शख्स ने ग्लूकोज से भरी शीशी थमा दी। 

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यह पूरी घटना 22 अप्रैल की है। इंजेक्शन की खोज में गणेश राव जब पूरे शहर की ख़ाक छान रहे थे। तब उन्हें नंदानगर में उज्ज्वल पटेल नामक व्यक्ति मिला था। उज्ज्वल ने गणेश राव को 20 हज़ार में एक इंजेक्शन देने की बात कही। चूंकि बेटे की हालत बेहद नाज़ुक थी लिहाज़ा गणेश राव ने उज्ज्वल से 40 हज़ार रुपए में दो इंजेक्शन खरीद लिए। 

अपने बेटे की बीमारी से परेशान गणेश राव उज्ज्वल की चालाकी को नहीं समझ पाए और ठगी के शिकार हो गए। इस बात का पता उन्हें तब चला जब विशाल को इंजेक्शन लगाने जा रहे डॉक्टर की नज़र रेमडेसिविर की शीशी पर पड़ी। डॉक्टर ने देखा कि शीशी पर फेविकोल से सील चिपकाई गई है। इसके साथ ही इंजेक्शन के ऊपर लगे हुए रबर पर सुई का निशान भी था। डॉक्टर ने इंजेक्शन की जगह ग्लूकोज का पानी होने की बात कहकर विशाल को इंजेक्शन लगाने से मना कर दिया।

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ठगी का शिकार होने के बाद गणेश राव ने सोचा कि वो ठग आगे कहीं किसी ओर को धोखा ना दे, सो उन्होंने आरोपी को पुलिस से पकड़वाने की ठानी। गणेश राव ने एक बार फिर उज्ज्वल नामक ठग को फोन लगाया और कहा कि उन्हें और इंजेक्शन की ज़रूरत है। जब वे उज्ज्वल से इंजेक्शन लेने पहुंचे तब गणेश राव ने पैसे घर पर ही भूलने का बहाना किया। गणेश राव उज्ज्वल को अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गए और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। 

फिलहाल उज्ज्वल पुलिस की गिरफ्त में है और पुलिस उससे पूछताछ भी कर रही है। पुलिस को अंदेशा है कि उज्ज्वल ने अब तक काफी लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस इस ठगी में शामिल उसके साथियों का पता लगाने का प्रयास भी कर रही है।