Kamalnath : MP विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष

MP Assembly july 2020 : मध्‍य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से, कमलनाथ की अगुआई में हमलावर होगा विपक्ष

Publish: Jul-15, 2020, 11:02 PM IST

Kamalnath : MP विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष

मध्‍य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से आरंभ हो रहा है। पूर्व मुख्‍यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस के अध्‍यक्ष कमलनाथ ही विधानसभा में कांग्रेस दल के मुखिया होंगे। कांग्रेस ने सरकार को सदन में घेरने की योजना भी नेता प्रतिपक्ष, कमलनाथ के नेतृत्‍व में ही बना रही है। प्रदेश में किसानों पर अत्‍याचार, बढ़ते अपराध, पेट्रोल डीजल के दाम, मंडी कानून में संशोधन जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बात की पुष्टि की है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ही मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष होंगे।  पत्रकार वार्ता में पटवारी ने बीजेपी सरकार और सिंधिया समर्थक नए मंत्रियों पर निशाना साधा है।पटवारी ने सिंधिया पर तंज कसते हुए कहा, 'प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ रही है लेकिन एक महाशय पिछले 90 दिनों से कोरोना को लेकर घर में थे। उन्हें इस बात का जवाब देना चाहिए कि किसानों के फसल के पैसे कब दिए जाएंगे? 

 

वरिष्ठ कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में कोरोना बीमारी नंबर वन पर है। उन्होंने कहा, 'वह लोग कहां हैं जो कहते थे कि प्रधानमंत्री की सूझबूझ से कोरोना संक्रमण नियंत्रित है। प्रदेश के कई जिलों में दुबारा लॉकडाउन लागू करने की नौबत आ गयी है। लेकिन कोविड-19 महामारी के बीच बीजेपी नेता लगातार चुनावी रैलियों का आयोजन कर रहे हैं।' पटवारी ने दावा किया है कि जिस दिन प्रदेश में उपचुनाव के परिणाम आएंगे उसी दिन शिवराज सरकार की विदाई हो जाएगी। उन्होंने चुनाव आयोग से यथाशीघ्र चुनाव कराने की भी मांग की है।

BJP सरकार आते ही किसानों का आत्महत्या का दौर चालू

पत्रकार वार्ता के दौरान पटवारी ने शिवराज सरकार पर आरोप लगाया है कि उनके सत्ता में आते ही प्रदेश भर में किसानों की आत्महत्या का दौर वापस चालू हो गया है। उन्होंने कहा, 'किसानों के फसल के पैसे नहीं दिए गए हैं लेकिन सिंधिया समर्थकों को मलाईदार विभाग दी गयी है। वे मलाईदार विभाग क्यों लिए हैं ? उन्हें पता है कि एक महीने के लिए मंत्री बनाए गए हैं क्योंकि विधानसभा चुनाव वह निश्चित हारेंगे। इसलिए इस दौरान वह मलाईदार विभागों से पैसा कमाना चाहते हैं। कांग्रेस सभी विभागों पर नजर रखेगी और कुछ गड़बड़ होती है तो हम इसके खिलाफ लड़ेंगे।'