खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक युवक डॉगी का मास्क पहनकर पहुंचा तो वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। युवक के साथ नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर उर्फ मुल्लू भी थे। यह कोई मजाक नहीं बल्कि नगर निगम में आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर अनियमितताओं के खिलाफ किया गया प्रतीकात्मक प्रदर्शन था। राठौर ने आरोप लगाया कि कुत्तों की नसबंदी के नाम पर करीब 40 लाख रुपये खर्च किए गए लेकिन शहर में आवारा कुत्तों की समस्या और डॉग बाइट के मामले लगातार बने हुए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग करते हुए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
जनसुनवाई के दौरान जब डॉगी के वेश में युवक अधिकारियों के सामने पहुंचा तो कुछ देर के लिए वहां मौजूद लोगों का ध्यान उसी पर टिक गया। शुरुआत में कई लोग इसे मजाक या अनोखा प्रदर्शन समझते रहे थे लेकिन बाद में सामने आया कि इसके जरिए नगर निगम की श्वान नसबंदी व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई और कई लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो और तस्वीरें अपने मोबाइल में रिकॉर्ड भी किए।
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नगर निगम नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर का आरोप है कि आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर नगर निगम ने बड़ी रकम खर्च दिखाई है। जबकि, वास्तविकता में अपेक्षित काम नहीं हुआ है। उनका दावा है कि करीब 40 लाख रुपये नसबंदी के नाम पर निकाले गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अभियान के तहत कुत्तों की नसबंदी लगातार की जा रही थी तो शहर में आवारा कुत्तों की संख्या और कुत्तों के काटने की घटनाओं पर प्रभाव क्यों नहीं दिखाई दे रहा है।
राठौर ने जनसुनवाई में डॉग बाइट से जुड़े आंकड़े भी अधिकारियों के सामने रखे। उनके मुताबिक, सरकारी आंकड़ों में पिछले चार साल के दौरान 1325 लोगों को कुत्तों के काटने की घटनाएं दर्ज हुई हैं। उन्होंने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए कहा कि एक ओर नसबंदी के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाने का दावा है वहीं दूसरी ओर लोगों को आवारा कुत्तों के हमलों का सामना करना पड़ रहा है।
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नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि कुत्तों की नसबंदी का काम कुछ मामलों में केवल कागजों तक सीमित रहा और इसी के आधार पर सरकारी राशि खर्च कर दी गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाने और यदि वित्तीय अनियमितता साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच का भरोसा दिया है। अपर कलेक्टर काशीराम बड़ोले ने बताया कि जनसुनवाई में श्वान नसबंदी केंद्र की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार को लेकर शिकायत मिली है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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इस पूरे मामले में डॉगी का मास्क पहनकर किया गया प्रदर्शन अब चर्चा का केंद्र बन गया है। सोशल मीडिया पर भी प्रदर्शन के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद लोग इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, प्रदर्शन के जरिए उठाए गए आरोपों की वास्तविकता अब प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल खंडवा नगर निगम की श्वान नसबंदी व्यवस्था, खर्च की गई राशि और डॉग बाइट के बढ़ते मामलों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।