कृषि मंत्री के किसान होने के दावे पर कांग्रेस का सवाल, एफिडेविट में क्यों झूठ बोला

दिग्विजय सिंह ने कहा, संगत के चक्कर में बिगड़ गए नरेंद्र सिंह तोमर, बिना किसानी किए लिख डाला 8 पन्ने का पत्र और झूठ कहा कि मैं हूँ किसान

Updated: Dec 20, 2020, 12:50 AM IST

कृषि मंत्री के किसान होने के दावे पर कांग्रेस का सवाल, एफिडेविट में क्यों झूठ बोला
Photo Courtesy: Nvr24.com

भोपाल। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के उन दावों पर कांग्रेस ने सवाल खड़ा किया है जिनमें तोमर ने कहा था कि मैं भी एक किसान हूं और मैने रात-भर जागकर खेतों में सिंचाई किया है, इसलिए किसानों की पीड़ा समझता हूं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पूछा है कि कृषि मंत्री के पास जब कृषि योग्य जमीन नहीं है तो वह खेती कहां करते हैं।

दिग्विजय सिंह ने कहा, 'कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर हमारे मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं, अच्छे-भले आदमी हैं लेकिन संगत में बिगड़ गए हैं। उन्होंने किसानों के लिए आठ पन्नों का पत्र लिखा है। तोमर ने किसानों के पत्र में लिखा है कि मैं किसान हूं, मैने रात के अंधेरे में नहरें बनाया है, पानी फेरा है, लेकिन जब मैने इनका शपथपत्र देखा तो पता चला कि नरेंद्र सिंह तोमर ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव में जो शपथपत्र दिया है, उसमें उन्होंने लिखा है कि मेरे पास एक इंच भी कृषि योग्य जमीन नहीं है।'

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पूर्व सीएम ने आगे कहा कि जब उनके पास जमीन नहीं है तो इसका मतलब यह है कि वो किसान भी नहीं हैं। सिंह ने पूछा है कि जब वे किसान ही नहीं हैं तो क्या मजदूरी कर के पानी फेरा था। उन्होंने कहा, 'कितना झूठ बोलने लगे हैं नरेंद्र सिंह तोमर? यह बुरे संगत का असर है। अच्छे-अच्छे लोगों को बिगाड़ देती है।' दिग्विजय सिंह ने इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी कहा कि वह जनता के बीच जाएं और उनके मुद्दों को उठाएं।

दरअसल, केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ मध्यप्रदेश कांग्रेस राज्यभर में सड़कों पर उतर गई है। कांग्रेस हर जिले व ब्लॉक स्तर पर धरना दे रही है। राजधानी भोपाल स्थित रोशनपुरा चौराहे पर दिग्विजय सिंह धरने का नेतृत्व कर रहे थे। इस दौरान राज्यसभा सांसद के साथ अरुण यादव, सज्जन सिंह वर्मा, पीसी शर्मा, जीतू पटवारी, आरिफ मसूद सहित कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल हुए।

 

 

इन चार बिंदुओं पर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

कांग्रेस जिन चार मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीनों कृषि कानूनों को तत्काल वापस लेने, अंतराष्ट्रीय बाजार में लगातार घट रही कीमतों के बावजूद भारत में बढ़े हुए पेट्रोल डीजल का दाम वापस लेने, रसोई गैस सिलिंडर का दाम कम करने और कमलनाथ सरकार गिरने के बाद दुबारा से प्रदेश में बढ़ी हुई बिजली के बिलों को वापस लेने की मांग शामिल है।

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वहीं इंदौर में धरना प्रदर्शन के दौरान उपवास कार्यक्रम भी शुरू हो गया है। इस दौरान कांग्रेस ने शहर में बैलगाड़ी के युग को भी प्रदर्शित किया। कांग्रेस कार्यकर्ता बैलगाड़ी पर मोटरसाइकिल रखकर रीगल चौराहा के पास धरना देने पहुंचे। बैलगाड़ी में कुछ स्लोगन लिखी तख्तियां भी लटकी हुई थीं। जिसमें लिखा था पेट्रोल डीजल की बढ़ गई कीमत, अब बैलगाड़ी की पड़ी जरूरत। पेट्रोल, डीजल के दाम कम करो, भाजपा कुछ शर्म करो। खा गए राशन पी गए तेल, देखो-देखो मोदी-शिवराज का खेल।

इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कहा कि मोदी सरकार में पेट्रोल डीजल के भाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आज डीजल और पेट्रोल के भाव 100 रुपये के आसपास पहुंच चुका है। गैस की बात करें, तो एक सप्ताह में डेढ़ सौ रुपए बढ़ गए हैं। काला कृषि कानून जो मोदी सरकार लेकर आई है। हम उसका भी विरोध करते हैं। आज ही शिवराज सिंह सरकार ने बिजली के बिल 15 पैसे यूनिट बढ़ा दिए हैं। कांग्रेस की मांग है कि मोदी सरकार तत्काल काले कानून को वापस ले। साथ ही पेट्रोल और डीजल के भाव को कम करे।