शिक्षकों का शर्मनाक बर्ताव, उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसरों में जमकर हुई मारपीट

विक्रम विश्वविद्यालय के एमबीए डिपार्टमेंट के दो प्रोफेसर दीनदयाल बेदी और कामरान सुल्तान में ऐसी मारपीट हुई कि एक के कपड़े फट गए तो दूसरे का खून बहने लगा

Updated: Feb 06, 2021, 09:04 PM IST

शिक्षकों का शर्मनाक बर्ताव, उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसरों में जमकर हुई मारपीट
Photo Courtesy: Zee News

उज्जैन। जिन शिक्षकों से उम्मीद की जाती है कि वे अपने छात्रों के सामने अपने बर्ताव से एक आदर्श पेश करेंगे, वे आपस में ही ऐसे लड़े कि छात्रों को उनके ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करनी पड़ी। कुलपति को उनसे माफ़ीनामा लिखवाकर आइंदा ऐसी हरकतों से बाज़ आने की चेतावनी देनी पड़ी। ये चौंकाने वाला मामला उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय (Vikram University) में सामने आया है।

दोनों प्रोफेसरों के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। मारपीट की ये घटना विक्रम विश्वविद्यालय के एमबीए डिपार्टमेंट के दो प्रोफेसर दीनदयाल बेदी और कामरान सुल्तान आपस में भिड़ गए। दोनों प्रोफेसरों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट तक की नौबत आ गई। एक प्रोफेसर के कपड़े फटे तो दूसरे के चेहरे से खून निकलने लगा। मारपीट की यह पूरी घटना कैमरे में कैद हुई है।

शिक्षकों के बीच मारपीट की इस शर्मसार करने वाली घटना के बारे में अब तक मिली जानकारी के मुताबिक़ विक्रम विश्वविद्यालय के एमबीए डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ कामरान सुल्तान एलएलएम करना चाहते हैं। इसलिए वे अपनी क्लास का समय बदलवाना चाहते थे। उन्होंने इसकी माँग की तो प्रोफ़ेसर दीनदयाल बेदी ने एतराज़ कर दिया। डॉ बेदी का कहना था कि कामरान दिन में एलएलएम की क्लास करने जाएँगे तो डिपार्टमेंट में पढ़ाई पर असर पड़ेगा।

इस मामले में फ़ैसले के लिए दोनों प्रोफ़ेसर रजिस्ट्रार के पास पहुंचे। लेकिन वहाँ बात सुलझने की जगह झगड़ा और बढ़ गया। मामला इतना बढ़ा कि रजिस्ट्रार के दफ़्तर के बाहर दोनों में हाथापाई शुरू हो गई। दिव्यांग प्रोफेसर कामरान सुल्तान के मुंह से खून निकलने लगा, तो प्रोफेसर दीनदयाल के कपड़े फट गए।

दो प्रोफेसरों के बीच मारपीट का ये मामला कुलपति के पास पहुंचा। कुलपति दोनों के साथ विवाद के बारे में बात कर रहे थे, तभी कुछ छात्र नेताओं और उनके समर्थकों ने वहाँ पहुँचकर हंगामा कर दिया। छात्रों ने कुलपति के रूम में घुसकर दोनों प्रोफेसरों को ये तक कह डाला कि शर्म करो, क्यों विश्वविद्यालय को बदनाम कर रहे हो। कुलपति ने भी सख़्ती करते हुए पहले तो दोनों पर कार्रवाई करने की बात कही फिर उन्हें चेतावनी देते हुए माफीनामा लिखवाया।