वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने छोड़ी कांग्रेस, सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा

हाल ही में गुलाम नबी आजाद ने जम्मू कश्मीर कैंपेन कमेटी अध्यक्ष पद से इतिफा दिया था, अब उन्होंने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है

Updated: Aug 26, 2022, 12:10 PM IST

वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने छोड़ी कांग्रेस, सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आखिरकार कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया है। लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार को सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पिछले हफ्ते ही उन्होंने जम्मू कश्मीर कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था।

आजाद ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी भी लिखी है, जिसमें राहुल गांधी पर हमला बोला गया है। उन्होंने इस खत में राहुल पर बचकाने व्यवहार का आरोप लगाया है। साथ ही कांग्रेस को अनुभवहीन चाटुकार नेताओं की नई मंडली करार दिया है। त्यागपत्र में उन्होंने लिखा कि भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने से पहले नेतृत्व को कांग्रेस जोड़ो यात्रा करनी चाहिए थी।

इस्तीफे में उन्होंने लिखा, 'दुर्भाग्य से पार्टी में जब राहुल गांधी की एंट्री हुई और जनवरी 2013 में आपने उनको पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया, तब उन्होंने पार्टी के सलाहकार तंत्र को पूरी तरह से तबाह कर दिया। सभी सीनियर और अनुभवी नेताओं को साइडलाइन कर दिया गया और गैरअनुभवी सनकी लोगों का नया ग्रुप खड़ा हो गया और यही पार्टी को चलाने लगा।'

दरअसल, 73 वर्षीय आजाद अपने सियासी करियर के आखिरी पड़ाव में पार्टी के भीतर अहम भूमिका चाह रहे थे। उन्होंने लोकसभा चुनाव ने बाद व्यापक परिवर्तन की भी मांग की थी। कांग्रेस के बागी गुट G23 के गठन में उन्होंने न केवल सक्रिय भूमिका निभाई बल्की पार्टी अध्यक्ष की सहमति के बगैर बैठकों में शामिल होते रहे। G23 की गठन के बाद उनकी भूमिका संदिग्ध थी और हाईकमान की नजर में वह अविश्वसनीय हो गए।

इतना ही नहीं गुलाम नबी आजाद ने पार्टी लाइन से हटकर पीएम मोदी की जमकर तारीफें भी की। 2021 में राज्यसभा से कार्यकाल खत्म होने वाले दिन गुलाम नबी आजाद को विदाई देते हुए PM नरेंद्र मोदी भावुक हो गए थे। 2021 में मोदी सरकार ने गुलाम नबी आजाद को पद्म भूषण सम्मान दिया था। कांग्रेस के कई नेताओं को यह पंसद नहीं आया। नेताओं ने सुझाव दिया था कि आजाद को यह सम्मान नहीं लेना चाहिए।