अपनी मांगें मनवाने के लिए बस आपरेटर्स का प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ में निकली बसों की बारात

यात्री किराए में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी की मांग पर अड़े बस संचालक, छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने कहा प्रदेश में चार साल से नहीं बढ़ा है बसों का किराया, 13 जुलाई तक का दिया अल्टीमेटम, मांग पूरी नहीं होने पर बसों के संचालन की धमकी

Updated: Jul 08, 2021, 04:47 PM IST

अपनी मांगें मनवाने के लिए बस आपरेटर्स का प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ में निकली बसों की बारात
Photo Courtesy: twitter

रायपुर। पहले कोरोना और फिर लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों से बस आपरेटर्स परेशान हैं। वे अब किराया बढ़ाकर अपना खर्चा निकालना चाह रहे हैं। महंगाई के विरोध में प्रदेश के बस संचालकों ने बसों की बारात निकालकर प्रदर्शन किया। बस संचालकों ने धमकी दी है कि अगर 13 जुलाई तक बसों का किराया नहीं बढ़ाया गया तो वे बसों का संचालन बंद कर देंगे।

रायपुर समेत कई जिलों में बसों की इस बारात की वजह से जाम की स्थिति बन गई। रायपुर में पंडरी बस स्टैंड पर बसों की लाइन लग गई। बसों की इस बारात को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल सड़कों पर मौजूद था। जैसे ही बसें आगे बढ़ी पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिसके बाद पुलिस और बस संचालकों में विवाद की स्थिति बन गई।

किसी कदर बस संचालक परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के निवास पर पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। बस संचालकों की मांग है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो 13 जुलाई से बसों का संचालन बंद कर देंगे। बस संचालकों ने 14 जुलाई को खारून नदी में जल समाधि लेने की धमकी दी है।मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में बताया गया है कि उनके भूखों मरने की नौबत आ गई है। बस संचालकों का कहना है कि प्रदेश में पड़ोसी राज्यों की तुलना में चार साल से कोई यात्री किराया नहीं बढ़ा है।