सिंगरौली स्थित अडाणी पॉवर प्लांट में मजदूर की मौत, आक्रोशित श्रमिकों ने किया उग्र प्रदर्शन
सिंगरौली के अडाणी पावर प्लांट में मजदूर लल्लन सिंह की मौत के बाद शनिवार को भारी हिंसा भड़क उठी। प्रबंधन पर शव छिपाने का आरोप लगाते हुए हजारों मजदूरों ने प्लांट में आगजनी और तोड़फोड़ की।
सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में शनिवार सुबह अडाणी पावर प्लांट में एक मजदूर की मौत के बाद हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। माडा थाना क्षेत्र के बधौरा स्थित प्लांट में काम करने वाले श्रमिकों ने साथी मजदूर की मौत से आक्रोशित होकर जमकर हंगामा किया। गुस्साए मजदूरों ने प्लांट परिसर में तोड़फोड़ की। साथ ही कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और ठेकेदार के दफ्तर समेत कुछ जगहों पर आग लगा दी। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई। जिसके बाद हालात नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, मृतक मजदूर की पहचान लल्लन सिंह के रूप में हुई है। वह झारखंड के गढ़वा जिले का रहने वाला था और लंबे समय से प्लांट में काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। मजदूरों के बीच खबर फैलते ही आक्रोश भड़क उठा। कुछ मजदूरों ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन घटना को दबाने और शव को छिपाने की कोशिश कर रहा है। इसी दौरान यह अफवाह भी फैल गई कि लल्लन सिंह की मौत ऊंचाई से गिरने के कारण हुई है जिससे मजदूरों का गुस्सा और बढ़ गया।
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आक्रोशित मजदूरों ने प्लांट परिसर में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाया और एक दर्जन से अधिक वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। कुछ गाड़ियों को पलट दिया गया जबकि कई वाहनों में आग लगा दी गई। साथ ही ठेकेदार के कार्यालय को भी आग के हवाले कर दिया गया। हंगामे के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ धक्का मुक्की और मारपीट की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस चौकी प्रभारी की गाड़ी को भी पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए करीब 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए। मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, एडिशनल एसपी समेत कई थानों का पुलिस बल तैनात किए गए और मजदूरों को शांत कराने की कोशिश की गई।
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प्लांट में बड़ी संख्या में श्रमिक काम करते हैं। बताया जा रहा है कि यहां लगभग 10 हजार से अधिक मजदूर कार्यरत हैं। घटना के बाद करीब 8 से 9 हजार मजदूर अपना सामान लेकर प्लांट परिसर से बाहर निकल गए हैं। जबकि, एक हजार से अधिक मजदूर अभी भी अंदर मौजूद हैं। प्रशासन लगातार उनसे बातचीत कर हालात सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।
मृतक मजदूर के रूममेट के अनुसार, जब साथी मजदूर की मौत की खबर फैली तो प्लांट परिसर में अफरा तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। इसके बाद मजदूरों का गुस्सा उग्र हो गया और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वहीं, कंपनी प्रबंधन और जिला प्रशासन का कहना है कि लल्लन सिंह की मौत उसके आवास में हुई और प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इसकी वजह हार्ट अटैक हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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