रायपुर में 10 दिन का टोटल लॉकडाउन, 9 अप्रैल शाम से 19 अप्रैल सुबह तक सीमाएं रहेंगी सील

रायपुर में लॉकडाउन के दौरान अनिवार्य सेवाएं छोड़कर शराब दुकानें, पर्यटन स्थल, सरकारी और निजी दफ्तर सब बंद, शासन से अनुमति प्राप्त परीक्षाओं को छोड़कर सारी परीक्षाएं स्थगित

Updated: Apr 07, 2021, 08:15 PM IST

रायपुर में 10 दिन का टोटल लॉकडाउन, 9 अप्रैल शाम से 19 अप्रैल सुबह तक सीमाएं रहेंगी सील
Photo Courtesy: The Bharat express

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना की रफ्तार बेकाबू हो चली है। सबसे खराब स्थिति राजधानी रायपुर की है। जिसके चलते रायपुर में 10 दिन के लिए टोटल लॉकडाउन करने का फैसला लिया गया है। 9 अप्रैल शाम 6 बजे से 19 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक रायपुर टोटल लॉकडाउन रहेगा। इस दौरान जिले की सभी सीमाएं सील रहेंगी। रायपुर कलेक्टर एस भारती दासन ने बताया कि इस दौरान आवश्यक और इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। दूध वितरण सुबह औऱ शाम किया जाएगा। 

लॉकडाउन में शराब दुकानें, पर्यटन स्थल, सरकारी और निजी दफ्तर बंद रहेंगे। कलेक्टर ने कहा कि शासन से अनुमति प्राप्त परीक्षाओं को छोड़कर बाकी अन्य परीक्षाए स्थगित की जा रही हैं। वहीं कोविड टीकाकरण जारी रहेगा। है। इस दौरान केवल, रसोई गैस, पेट्रोल पंप, मेडिकल जैसी आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी। पेट्रोल पंप पर अनिवार्य सेवा से जुड़े लोगों को ही पेट्रोल दिया जाएगा।

रायपुर में प्रवेश के लिए ई-पास दिया जाएगा कोरोना टीका लगे लोगों के ही परमीशन मिलेगी। आपताकालीन स्थिति में चार पहिया गाड़ी में ड्राइवर सहित अधिकतम 3 लोगों को बैठने दिया जाएगा। आईडी कार्ड दिखाने पर मीडियाकर्मियों को आने जाने दिया जाएगा। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट के लिए टैक्सी मिल सकेगी। गाड़ियों का दुरुपयोग करने पर वाहनों को 15 दिन के लिए जब्त किया जाएगा।

रायपुर में इस दौरान सभी धार्मिक स्‍थान बंद रहेंगे। लॉकडाउन के नियम उल्लंघन करने पर प्रशासन कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।बीते 24 घंटों में कोरोना के रिकॉर्ड 9921 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। प्रदेश में 53 लोगों की मौत कोरोना की वजह से हुई है। मंगलवार को रायपुर में 2821 नए मरीज मिले, दुर्ग में 1838 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। रायपुर छत्तीसगढ़ का हॉट स्पाट बना हुआ है।

पहले चरण में दस दिनों का लॉकडाउन रहेगा। उसके बाद स्थिति की समीक्षा के बाद फैसला होगा। कोरोना महामारी को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बात का फैसला लिया गया है।