पत्रकारों ने ढूँढ निकाला दुनिया के नामीगिरामी लोगों का कालाधन, विदेशों में अवैध निवेश कर बचाया टैक्स

पैंडोरा पेपर्स लीक्स के नाम से हुए इस खुलासे में सचिन तेंदुलकर, अनिल अंबानी समेत दर्जनों भारतीय, इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट ने कहा अभी और नाम होंगे उजागर

Updated: Oct 04, 2021, 04:25 PM IST

पत्रकारों ने ढूँढ निकाला दुनिया के नामीगिरामी लोगों का कालाधन, विदेशों में अवैध निवेश कर बचाया टैक्स
Photo Courtesy: the news international

नई दिल्ली/मुंबई। विदेशों में अवैध निवेश और टैक्स चोरी के मामले में बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। इस खुलासे में भारत के तीन सौ से ज्यादा नामचीन हस्तियों के नाम सामने आए हैं। जिसमें क्रिकेट के गॉड सचिन तेंदुलकर और उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम शामिल बताया जा रहा है। 

इस खुलासे को पैंडोरा पेपर्स लीक नाम दिया गया है। इसे इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट ने खोजपरक सूचनाओं को एकत्रित करके किया है। पैंडोरा पेपर्स लीक में दुनियाभर में 90 देशों के 330 से ज्यादा राजनेताओं के नाम हैं। पाकिस्तानी पीएम इमरान खान का नाम भी इन लोगों की सूची में शामिल है। भारत के 60 अन्य शख्सियतों के बारे में जल्द खुलासा हो सकता है। इनके खिलाफ भी ICIJ को सबूत हाथ लग गए हैं। 

खुलासे के मुताबिक सूची में शामिल शख्सियतों ने टैक्स चोरी के लिए अवैध रास्ते अपनाए। एक अनुमान के मुताबिक इस वजह से दुनिया भर की सरकारों को हर साल टैक्स के तौर पर 600 डॉलर का नुकसान हुआ। खुलासा करने वाली संस्था ICIJ का कहना है कि सूची में शामिल लोगों ने बेनामी कंपनी बनाकर विदेशों में 5.6 ट्रिलियन डॉलर से लेकर 32 ट्रिलियन डॉलर तक जमा कराए हैं। 

भारत के तीन प्रमुख नाम 
भारत से तीन प्रमुख नाम टैक्स चोरी और बेनामी कंपनी के मामले में सामने आए हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, उद्योगपति अनिल अंबानी और भगौड़ा कारोबारी नीरव मोदी के नाम अव्वल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रिटेन की अदालत में खुद को दिवालिया घोषित कर चुके उद्योगपति अनिल अंबानी के पास विदेशों में 18 कम्पनियां हैं। जिनमें लगभग 1.3 बिलियन डॉलर का निवेश बताया जा रहा है।

वहीं नीरव मोदी के बारे में खुलासा हुआ है कि उसके भारत छोड़कर भागने से ठीक एक महीने पहले ट्रस्ट बनाकर पैसों की हेराफेरी की थी। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर के बारे में खुलासा हुआ है कि 2016 में पनामा पेपर्स लीक मामला सामने आने के ठीक तीन महीने बाद सचिन ने वर्जिन आइलैंड में स्थित अपनी कंपनी को बेचने की कोशिश की थी। 

मुंबई में रियल स्टेट क्षेत्र में व्यवसाय करनेवाले लोगों का समूह जिनपर भारतीय बैंकों का 88000 करोड़ से ज्यादा का बकाया है और जो खुद को दिवालिया घोषित कर चुके हैं उनके भी ऑफशोर निवेश के खुलासे इस पैंडोरा बॉक्स के खुलने के साथ ही सामने आए हैं। इस ग्रुप के कई व्यवसायी  जेल में हैं।

सचिन के वकील ने दी सफाई 
पैंडोरा पेपर्स लीक्स के सामने आने के बाद सचिन तेंदुलकर की ओर से स्पष्टीकरण भी दिया गया है। सचिन तेंदुलकर के वकील ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि सचिन द्वारा विदेशी कंपनियों में किए गए सभी निवेश वैध हैं और इस बात की जानकारी आयकर विभाग के अधिकारियों को दी जा चुकी है। 

कैसे हुआ खुलासा
इस मामले की तह तक पहुँचने के लिए 117 देशों के 600 से ज़्यादा पत्रकार और 140 मीडिया संस्थान लगे हुए थे। इन्होंने 14 अलग स्त्रोतों से करीब एक करोड़ 20 लाख दस्तावेज़ों को दिन रात खंगालने का काम किया। तब जाकर इतनी बड़ी जानकारी इनके हाथ लगी। इस सूची में इक्वाडोर, केन्या, यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ साथ जॉर्डन के राजा का भी नाम शामिल है। वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का नाम भी पैंडोरा सूची के प्रमुख नाम हैं।