MP में अब फसल मुआवजा घोटाला, 56 लाख रुपए अपात्र किसानों के खातों में डाले, दो पटवारी निलंबित

भिंड में सामने आया फसल मुआवजा घोटाला, ज़िले के चार गांवों में रहने वाले 288 किसानों के खातों में 56 लाख से अधिक की राशि जमा करा दी गई, जबकि इन किसानों ने फसल तक नहीं बोई थी

Publish: Jul 30, 2021, 09:47 AM IST

MP में अब फसल मुआवजा घोटाला, 56 लाख रुपए अपात्र किसानों के खातों में डाले, दो पटवारी निलंबित

भिंड। मध्य प्रदेश में अब फसल मुआवजा घोटाले की शुरुआत हो गई है। अब अधिकारी किसानों को दी जाने वाली फसल मुआवजा राशि में भी घपला करने पर उतारू हो गए हैं। ऐसा ही एक मामला भिंड का है जहां करीब 56 लाख का मुआवजा घोटाला हुआ है। 

भिंड के चार गांवों में किसानों के खातों में 56 लाख से अधिक की राशि डलवा दी गई। लेकिन जिन किसानों के खातों में यह राशि डलवाई गई उन्होंने फसल तक नहीं बोई थी। मामला उजागर होने के बाद दो पटवारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 

दरअसल पिछले साल भिंड जिले के हल्का झावलपुरा, धमसा, सर्व के चेक सर्वा, खेरिया राजू में गेहूं और सरसों की फसल ओलावृष्टि के कारण बर्बाद हो गई थी। लेकिन सर्वा हल्का के पटवारी कुलदीप और तुकेड़ा के पटवारी निशांत पर आरोप है कि इन दोनों ने ओलावृष्टि से प्रभावित हुए चारों गांवों के 288 ऐसे किसानों के खातों में पैसे डलवाए, जिन्होंने फसल तक नहीं बोई थी। 

आरोप है कि जब गोहद तहसीलदार ने रामजीलाल वर्मा ने बीते 1 मई को आरोपी पटवारियों से मुआवजा के लिए लाभार्थी किसानों की सूची मंगवाई। तब दोनों ने ऐसे 288 व्यक्तियों के खातों की सूची दे दी, जिनका फसल और फसल के नष्ट होने से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं था। यह हेर फेर करीब 56 लाख रुपए की बताई जा रही है।

इस पूरे मामले के उजागर होने के बाद मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है। वहीं फर्जीवाड़े के दोनों आरोपी पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद घोटाले की राशि इन्हीं दोनों से रिकवर की जाएगी।