BJP सरकार में ही क्यों होती है खाद की कालाबाजारी

Digvijaya Singh: बीजेपी के नेता व मंत्री खुद व्यापारियों से सांठगांठ कर करवाते हैं खाद की ब्लैक मार्केटिंग और इस धंधे से कमाते हैं पैसा

Updated: Jul-30, 2020, 07:38 PM IST

BJP सरकार में ही क्यों होती है खाद की कालाबाजारी

भोपाल : मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने खाद की कालाबाजारी को लेकर प्रदेश के शिवराज सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता ने वीडियो जारी कर पूछा है कि बीजेपी सरकार में ही खाद की कालाबाजारी क्यों होती है?

उन्होंने आरोप लगाया है कि बीजेपी के नेता व मंत्री खुद व्यापारियों से साठ-गांठ करके खाद की ब्लैक मार्केटिंग कराते हैं और इस अवैध धंधे से पैसा कमाते हैं। दिग्विजय सिंह ने दावा किया है कि उनके दस वर्षों के कार्यकाल में खाद की कोई किल्लत नहीं हुई क्योंकि उस दौरान एक बोरी खाद भी निजी एजेंसियों को नहीं दी जाती थी नतीजन एडवांस स्टॉकिंग होती थी एयर खाद समय पर मिलता था। 

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, 'आप देख सकते हैं कि बीजेपी सरकार में किस तरह लगातार खाद की किल्लत हो रही है। इसका कारण क्या है? यह लोग अधिकांश जो कोटा आता है केंद्र सरकार से उसे प्राइवेट कंपनियों और ट्रेडर्स को दे देते हैं और वे इसकी कालाबाजारी करते हैं। पिछली कमलनाथ सरकार के दौरान भी कांग्रेस ने 80 फीसदी खाद सहकारिता के माध्यम से बंटवाई थी और 20 फीसदी व्यापारियों के माध्यम से। उस 20 प्रतिशत में भी लोगों ने कालाबाजारी का प्रयास किया जिसके खिलाफ हमने सख्ती से करवाई की।

दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार को सुझाव दिया है कि यदि प्रदेश में कालाबाजारी रोकना है तो खाद सहकारिता के माध्यम से ही देना होगा तभी जा कर कालाबाजारी रुकेगी। उन्होंने कहा, 'आज यूरिया मिल नहीं रहा है। मिल भी रहा है तो 500-550 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से। वहीं कई बड़े किसानों ने पहले ही हथिया लिए हैं और कालाबाजारी में व्यापारियों का सहयोग कर रहे हैं।' उन्होंने सीएम शिवराज सिंह से खाद की बिक्री सहकारिता के माध्यम से करने का आग्रह किया है।