ब्रिटेन के इस बुजुर्ग ने लड़ी कोरोना से सबसे लंबी लड़ाई, 43 बार पॉजिटिव आई रिपोर्ट, 4 बार पत्नी ने अंतिम संस्कार की तैयारी की

डेव स्मिथ लगातार 300 दिनों तक रहे कोरोना संक्रमित, सभी छोड़ चुके थे आस, 10 महीने की लड़ाई के बाद कोरोना से जंग जीते, शैंपेन पीकर मनाया जीत का जश्न

Updated: Jun 26, 2021, 10:14 AM IST

ब्रिटेन के इस बुजुर्ग ने लड़ी कोरोना से सबसे लंबी लड़ाई, 43 बार पॉजिटिव आई रिपोर्ट, 4 बार पत्नी ने अंतिम संस्कार की तैयारी की
Photo Courtesy : The Quint

ब्रिस्टल। ब्रिटेन में कोरोना वायरस का एक ऐसा केस सामने आया है जिसकी दुनियाभर में चर्चा हो रही है। यहां 72 साल के एक बुजुर्ग ने कोरोना वायरस के खिलाफ सबसे लंबी लड़ाई लड़ने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। करीब 300 दिनों की निर्णायक लड़ाई के बाद उन्होंने कोरोना पर विजय पा लिया है। इस दौरान 43 बार उनकी RTPCR रिपोर्ट पॉजिटिव आई। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी पत्नी चार बार उनके अंतिम संस्कार का व्यवस्था कर चुकीं थीं।

मामला एवन नदी के किनारे बसे ब्रिस्टल शहर का है। साल 2020 के शुरुआत में जब कोरोना वायरस ने दुनियाभर में पांव पसारना शुरू किया तब 72 वर्षीय डेव स्मिथ भी अन्य लोगों की तरह इस महामारी के चपेट में आ गए। इस दौरान अन्य लोगों की या तो मौत हो जाती या फिर 14 दिनों में वे कोरोना से ठीक हो जाते। लेकिन डेव स्मिथ का केस थोड़ा अलग था। वह 14 दिन में ठीक नहीं हुए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और तबतक लड़ते रहे जबतक कोरोना को हरा नहीं दिया। 

स्मिथ करीब 300 दिन यानी 10 महीने तक लगातार कोरोना संक्रमित रहे। दुनियाभर में यह अबतक का सबसे लंबा संक्रमण काल है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान उन्होंने 43 बार आरटीपीसीआर टेस्ट करवाए, लेकिन हर बार उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। आखिर में उन्हें एंटीबॉडी कॉकटेल दी गई, तब जाकर वे ठीक हुए। इस दौरान वे 7 बार अस्पताल में भर्ती हुए। 

बीबीसी से बातचीत के दौरान स्मिथ ने कहा कि, 'मेरी हालत इस कदर बिगड़ गई थी की पत्नी ने चार बार अंतिम संस्कार की तैयारी की। एक समय तो ऐसा था कि मैं दो से तीन महीने लगातार बिस्तर पर पड़ा रहा। मैं खड़ा तक नहीं हो सकता था। ये वो दौर था जहां आपको मरने से ज्यादा जीने से डर लगता है।' 

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उन्होंने कहा, 'जब मैं बिस्तर पर था तो मुझे बहुत बुरा लग रहा था। मुझे दरवाजे पर मौत दिखाई दे रही थी। मेरी शरीर की क्षमता पूरी तरह खत्म हो चुकी थी। मैं कुछ भी सूंघ नहीं सकता था। मेरे फेंफड़े पूरी तरह संक्रमित थे। शरीर में हर जगह कोरोना वायरस फैल गया था। एक रात तो लगातार मैं पांच घंटे तक खांसता रहा। इसके बाद मैने परिवार के सभी लोगों को गुडबाय बोल दिया था। मुझे हर रात सोते वक़्त लगता कि अगली सुबह नहीं देख पाऊंगा।' 

इतने लंबे समय तक बीमार रहने के दौरान स्मिथ का वजन 63 किलो तक कम हो गया था। उनके जीवन मे टर्निंग पॉइंट तब आया जब उनका इलाज एंटी-वायरल दवाओं के नए मिश्रण से किया गया। पहली बार जब उन्हें अपने डॉक्टर से खबर मिली कि उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है तो उन्हें अपने कानों पर भरोसा नहीं हुआ। जब वे कंफर्म हो गए की उनकी रिपोर्ट नेगेटिव है तो उन्होंने शैंपेन पीकर जश्न मनाया। स्मिथ ने बताया कि वे आमतौर पर ड्रिंक नहीं करते हैं, लेकिन यह ऐसी खबर थी कि उस रात वे शैंपेन पीने से खुद को रोक नहीं पाए।