76 साल बाद घर पहुंची सैनिक की चिट्ठी, सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान सैनिक बेटे ने मां को लिखा था खत

1945 में लिखा गया यह पत्र अमेरिकी डाक सेवा वितरण सुविधा के पास करीब 7 दशक से बंद था, किसी तरह अब यह चिट्ठी उसके घर पहुंचाई गई, पत्र लिखने वाले बेटे और उसकी मां की मौत हो चुकी है, पति की चिट्ठी पाकर इमोशनल हुए सैनिक की पत्नी

Updated: Jan 10, 2022, 05:27 PM IST

76 साल बाद घर पहुंची सैनिक की चिट्ठी, सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान सैनिक बेटे ने मां को लिखा था खत
Photo Courtesy: navbharat times

मोबाइल, फोन, वीडियोकॉल और चैटिंग के दौर में अगर कोई चिट्ठी आपको मिले तो शायद आपको आश्चर्य होगा। लेकिन बरसों पहले दूर दराज में रह रहे अपनों की कुशलक्षेम इन्हीं कागज के टुकड़ों से पता चलती थी। हाल ही में अमेरिकी महिला को उनके पति का एक 76 साल पुराना पत्र डाक विभाग ने दिया है। जिसे उनके पति ने अपनी मां को लिखा था।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एक सैनिक बेटे द्वारा लिखी चिट्ठी 76 साल बाद अपने पते पर पहुंची है। वर्ल्ड वॉर के दौरान सैनिक ने यह चिट्टी अपनी मां को चिट्ठी लिखी थी। सात दशक बाद यह चिट्ठी जाकर उनके परिजनों को मिली है। चिट्ठी तो घर पहुंच गई है, लेकिन अफसोस इस बात की है कि ना तो इसे लिखनेवाला ही जीवित बचा है और ना ही लेटर पाने वाली मां। दोनों की मृत्यु हो चुकी है।

सोशल मीडिया पर इनदिनों यह खबर वायरल हो रही है। लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि भारत में ही नहीं विदेशों में भी पोस्टल डिपार्टमेंट चिट्ठियां लेट पहुंचाता है। यह लेटर अमेरिका में सैनिक के परिवार को मिला है। 76 साल पहले चिट्ठी अमेरिकी सैनिक ने जर्मनी से अपनी मां को लेटर लिखा था जो अब उनके घर पहुंचा। पिट्सबर्ग में अमेरिकी डाक सेवा वितरण सुविधा को मिला ये खत करीब 75 साल से ज्यादा समय से बंद ही था। दिसंबर 1945 में दूसरा विश्व युद्ध खत्म होने के बाद जर्मनी में रह रहे 22 साल के आर्मी सार्जेंट जॉन गोंजाल्विस ने वोबर्न में रह रही अपनी मां को लेटर लिखा था। जिसमें उसने सैनिक कैंप में मिलने वाले खराब खाने का जिक्र भी किया था। बेटे ने लिखा था कि डियर मॉम, आज आपका एक और लेटर मिला और मैं खुश हूं कि सब ठीक है। जहां तक मेरी बात है, मैं भी ठीक हूं..लेकिन यहां अक्सर बहुत खराब खाना मिलता है।' सैनिक ने लेटर के आखिर में अपने साइन किए और मां को प्यार जताते हुए लिखा है आपका बेटा जॉनी। बेटे ने जल्द मिलने की उम्मीद भी जताई थी। लेकिन अफसोस मिलना तो दूर मां-बेटे को यह लेटर उनके जीते जी नहीं मिल पाया। 76 साल बाद ये लेटर आर्मी सार्जेंट की वाइफ को मिला है।

अमेरिकी डाक विभाग USPS ने बड़ी मशक्कत के बाद गोंजाल्विस की पत्नी एंजलिना का पता खोजा और उनकी पत्नी को उनके पति के हाथ से लिख चिट्ठी सौंपी।  USPS ने सैनिक की चिट्टी के साथ अपनी तरफ से एक लेटर गोंजाल्विस की फैमिली को भेजा। जिसमें उन्होंने बताया है कि यह खत उनतक पहुंचाना कितना महत्वपूर्ण था। पति के हाथ से लिखी चिट्ठी पाकर गोंजाल्विस की पत्नी भावुक हो गई। उनका कहना है कि जैसे उनके पति फिर से उनके पास आ गए हैं। लेटर पाकर सैनिक की पत्नी ने USPS को फोन कर सुनहरी यादें उनतक पहुंचाने के लिए शुक्रिया अदा किया।

सैनिक की पत्नी का कहना है कि वे अब तक यकीन नहीं कर पा रही हैं कि उनके पति के हाथ की लिखी चिट्ठी उनके हाथ में है। वे कहती हैं कि उनकी हैंडराइटिंग और सबकुछ बेहद कमाल का है। वर्तमान में एंजेलिना गोंजाल्विस की उम्र करीब 89 साल है। 27 साल की उम्र में उनकी और जॉन गोंजाल्विस की शादी हुई थी। साल 2015 में जॉन गोंजाल्विस की मौत हो गई थी। और उससे भी पहले उनकी मां भी गुजर चुकी है।