अभिनेत्री प्रवीना देशपांडे का 60 वर्ष की आयु में निधन, रेडी समेत कई बड़ी फिल्मों में कर चुकी हैं काम
वरिष्ठ अभिनेत्री प्रवीना देशपांडे का कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद मंगलवार को 60 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 2019 में उन्हें मल्टीपल मायलोमा डायग्नोज हुआ था। मुंबई के अंधेरी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मुंबई। वरिष्ठ अभिनेत्री प्रवीना देशपांडे का मंगलवार को 60 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से कैंसर से जूझ रहीं अभिनेत्री ने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके परिवार ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए निधन की पुष्टि की। दोपहर में मुंबई के अंधेरी स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. वहां फिल्म और टीवी जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
प्रवीना देशपांडे पिछले कुछ सालों से गंभीर बीमारी से लड़ रही थी। साल 2019 में उन्हें मल्टीपल मायलोमा (ब्लड कैंसर का एक प्रकार) डायग्नोज हुआ था। इलाज के दौरान उनका बोन मैरो ट्रांसप्लांट भी किया गया था। जिसके बाद उन्हें 17 दिनों तक आइसोलेशन में रहना पड़ा था। बीमारी से जूझते हुए भी उन्होंने अपने पेशेवर काम को जारी रखा था।
फिल्मी करियर की बात करें तो उन्होंने कई चर्चित हिंदी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई थी। खास तौर पर सलमान खान स्टारर फिल्म रेडी में उन्होंने शालिनी चौधरी का किरदार निभाया था। इसके अलावा वे एक विलेन, गब्बर इस बैक और परमाणु जैसी फिल्मों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई दी थी। हाल ही में उन्होंने इमरान हाशमी की वेब सीरीज तस्करी में कैमियो रोल किया था जो उनका अंतिम ऑन स्क्रीन अपीयरेंस माना जा रहा है।
उनके निधन पर सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन CINTAA ने गहरा शोक व्यक्त किया। संस्था ने अपने संदेश में कहा कि 2008 से सदस्य रहीं प्रवीना देशपांडे के निधन से मनोरंजन जगत ने एक समर्पित कलाकार को खो दिया है।
अभिनेता पलाश दत्ता ने भी भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि वे पिछले 22 सालों से प्रवीना को जानते थे और उन्हें एक बेहतरीन कलाकार के साथ-साथ बेहद संवेदनशील इंसान बताया। पलाश के अनुसार, शॉर्ट फिल्म की शूटिंग के दौरान भी प्रवीना कैंसर और कीमोथेरेपी के दर्द से गुजर रही थीं लेकिन उन्होंने पूरी लगन से काम पूरा किया और उस प्रोजेक्ट के लिए पुरस्कार भी हासिल किए थे।
प्रवीना देशपांडे का जाना फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। अपनी प्रतिबद्धता, पेशेवर अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में भी काम के प्रति समर्पण के कारण वे सहकर्मियों और दर्शकों के बीच हमेशा याद की जाएंगी।




