वेनेजुएला में मनाया गया कॉर्प्स क्रिस्टी उत्सव, डांसिंग डेविल्स ने की कोरोना के खात्मे की दुआ

17वीं शताब्दी से वेनेजुएला में मनाया जाता है कॉर्प्स क्रिस्टी उत्सव, नकाबपोश शैतान ईश्वर के सामने करते हैं आत्मसमर्पण, बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार 

Updated: Jun 05, 2021, 04:38 PM IST

वेनेजुएला में मनाया गया कॉर्प्स क्रिस्टी उत्सव, डांसिंग डेविल्स ने की कोरोना के खात्मे की दुआ
Photo Courtesy: Venezuela analysis

कराकास। कोरोना वायरस महामारी ने पूरे विश्व को बुरी तरह से तबाह किया है। साल 2020 के शुरुआती महीनों से शुरू हुआ वायरस का प्रकोप एक वर्ष से ज्यादा समय होने के बाद भी जारी है। कोरोना वायरस के खात्मे के लिए दुनियाभर में प्रयास किए जा रहे हैं। दक्षिणी अमेरिकी महाद्वीप पर बेस छोटे और बेहद गरीब देश वेनेजुएला ने वायरस के खात्मे के लिए मशहूर कॉर्प्स क्रिस्टी उत्सव का आयोजन किया। 

भाईचारे के लिए आयोजित की जाने वाली कॉर्प्स क्रिस्टी उत्सव के दौरान गुरुवार को वेनेजुएला के डांसिंग डेविल्स यानी नाचते हुए नकाबपोश शैतानों ने भगवान के सामने आत्मसमर्पण किया। 17वीं शताब्दी से मनाई जा रही यह वार्षिक त्योहार बुराई पर अच्छाई की प्रतीकात्मक जीत के रूप में मनाई जाती है, जिसमें अनोखे लिबास पहनकर शैतान बने लोग खुद का आत्मसमर्पण करते हुए भगवान के सामने अपनी हार स्वीकारते हैं। 

समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक राजधानी कराकास से करीब 52 किलोमीटर दूर स्थित नैगुआटा शहर में सुबह से लेकर शाम 6 बजे तक यह समारोह चला। इस दौरान स्थानीय लोगों ने डांसिंग डेविल्स के लिए ड्रम बजाए। सात साल की छोटी उम्र से डांसिंग डेविल्स ग्रुप का हिस्सा बने 57 वर्षीय हेनरी गोंजालेज ने कहा, 'हम जो अनुभव कर रहे हैं वह बेहद बुरा है। दुनियाभर से कोरोना को खत्म करने के लिए हमने अपने सबसे पवित्र उत्सव में प्रार्थना की है।' 

यूनेस्को ने साल 2012 में डांसिंग डेविल्स को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा घोषित किया था। कोरोना महामारी के बीच इस आयोजन की अनुमति इसलिए दी गई क्योंकि डेविल्स ने अपने मुखौटों के नीचे मास्क पहन रखे थे। वेनेजुएला के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक देश में 2 लाख 38 हजार से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हुए, जिनमें 2 हजार 689 लोगों की मौत हुई। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है।