निर्वाचित सरपंच को प्रमाण पत्र देने के लिए मांगे डेढ़ लाख, नायब तहसीलदार गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक नव निर्वाचित सरपंच को प्रमाण पत्र देने के नाम पर नायब तहसीलदार ने कथित तौर पर तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी, जिसे लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप कर गिरफ्तार कर लिया

Updated: Jul 13, 2022, 10:49 AM IST

निर्वाचित सरपंच को प्रमाण पत्र देने के लिए मांगे डेढ़ लाख, नायब तहसीलदार गिरफ्तार

शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया हैं। यहां एक तहसीलदार ने सरपंच की जीत का प्रमाण पत्र देने के लिए डेढ़ लाख की रिश्‍वत मांगी थी। पहला किश्त वह ले चुका था। लेकिन 1 लाख की दूसरी किश्त लेते समय लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया। किसी तहसीलदार द्वारा चुनाव में जीत का प्रमाण पत्र देने का मामला पहली बार सामने आया है। फरियादी पांच वोट से चुनाव जीता था।

ग्राम पंचायत भरसूला से सरपंच पद प्रत्याशी के पति उमाशंकर लोधी ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि 5 वोट से चुनाव जीतने के बाद भी तहसीलदार सुधाकर तिवारी प्रमाण पत्र देने के एवज में तीन लाख की मांग कर रहे है। उमाशंकर लोधी ने बताया कि तहसीलदार तिवारी ने उन्हें कॉल कर कहा था कि यहां पर कुछ गड़बड़ होने वाली है। आप मतदान केंद्र पर आ जाओ। जब वे वहां पहुंचा तो तहसीलदार ने कहा कि मैं मदद करूंगा लेकिन सामने वाली पार्टी 1.5 लाख रुपए देने के लिए तैयार है। 

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सरपंच प्रत्याशी उमाशंकर लोधी ने तहसीलदार के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत की, जिसके बाद लोकायुक्त ने कार्रवाई की। शिकायतकर्ता ने बताया है कि तहसीलदार ने कुल डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से एक लाख पहले देने की डील हुई। एक लाख रुपये की रिश्वत देने के लिए तहसीलदार सुधाकर तिवारी के निवास पर पहुंचा था। जैसे ही शिकायतकर्ता ने एक लाख रुपये तहसीलदार को दिए, उसी समय लोकायुक्त की टीम ने तहसीलदार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी तहसीलदार सुधाकर तिवारी के घर लोकायुक्त की टीम जांच में जुटी हुई है।