वो कौन था जिसने महिला अधिकारी से ट्रांसफर के लिए वसूला 25000, किया मंत्री के ओएसडी के नाम पर जालसाज़ी

सिंधिया समर्थक मंत्री के ओएसडी के नाम पर जालसाज़ी करने वाले ने सिवनी की महिला अधिकारी को फोन कर कहा- ट्रांसफर चाहती हैं, तो 25 हजार रुपए जमा करा दो; पैसे खाते में डालते ही फोन बंद। मामला का खुलासा होते ही ओएसडी बीके श्रीवास्तव ने हबीबगंज थाने में मामला दर्ज कराया है।

Updated: Jun 06, 2021, 06:18 PM IST

वो कौन था जिसने महिला अधिकारी से ट्रांसफर के लिए वसूला 25000, किया मंत्री के ओएसडी के नाम पर जालसाज़ी
Photo courtesy: patrika

भोपाल। राज्य सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया के ओएसडी के नाम पर धोखाधड़ी का सामने आया है। जालसाज व्यक्ति ने मंत्री के ओएसडी का हवाला देते हुए सिवनी की महिला अधिकारी से ट्रांसफर कराने के नाम पर 25 हजार रुपए ऐंठ लिए। जब महिला अधिकारी ने मंत्री के ओएसडी से जानकारी ली, तब हकीकत सामने आई। हबीबगंज पुलिस ने मंत्री के ओएसडी की शिकायत पर मोबाइल धारक के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।

हबीबगंज थाना उपनिरीक्षक बद्रीप्रसाद विश्वकर्मा के अनुसार बी-5 चार इमली निवासी बीके श्रीवास्तव महेंद्र सिंह सिसौदिया पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के ओएसडी हैं। उन्होंने बताया कि सिवनी जिले में पदस्थ जिला परियोजना प्रबंधक आरती चोपड़ा ने उन्हें फोन किया। आरती ने पूछा कि क्या उनका ट्रांसफर हो गया है? इस पर श्रीवास्तव ने कहा कि अभी तो ऐसा कुछ नहीं है। इस पर आरती ने घटना के बारे में जानकारी दी। आरती ने कहा कि उन्हें फोन आया था। कॉलर ने कहा कि मैं मंत्री जी का ओएसडी बोल रहा हूं, क्या वह कहीं ट्रांसफर चाहती हैं? उसकी बात सुनकर मैंने हां कर दी। कॉलर ने इसके लिए पैसे मांगे। वह बोला अभी सिर्फ 25 हजार रुपए खाते में जमा कर दो, उसके बाद शेष राशि बाद में लूंगा।

आरती ने उसके बताए गए खाते में 1 जून को 25 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। आरती ने बताया कि तबादला नहीं होने पर उसने फोन लगाया, लेकिन उसका फोन बंद आया। इसलिए उसने ओएसडी को फोन लगाया तो मंत्री के ओएसडी श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने उसे कोई फोन नहीं किया और ट्रांसफर को लेकर भी कोई सूचना नहीं है।

पीड़ित आरती की बात सुनने के बाद ओएसडी श्रीवास्तव ने हबीबगंज थाने जाकर पुलिस को शनिवार देर रात आवेदन दिया। पुलिस ने आवेदन के आधार पर अज्ञात मोबाइल फोन नंबर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल, आरोपी के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है। पुलिस जांच में जुटी है।