दिल्ली में पचास साल में नहीं पड़ी ऐसी गर्मी, मार्च के पहले हफ़्ते में ही पारा पहुँचा 35 के पार
मार्च की शुरुआत में ही देशभर में गर्मी ने तेवर दिखा दिए हैं। दिल्ली में गर्मी का पिछले 50 साल का रिकॉर्ड टूट गया है।
मार्च की शुरुआत इस बार असामान्य गर्मी के साथ हुई है। उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर मध्य, पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर दर्ज किया गया है। दिल्ली में मार्च के पहले सप्ताह में 50 साल का तापमान रिकॉर्ड टूट गया। जबकि, विदर्भ के अमरावती में पारा 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक, 9 से 11 मार्च के बीच सक्रिय होने वाला नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी लाएगा। जिसकी वजह से कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट संभव है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मार्च के पहले ही सप्ताह में उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ा है। जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 9 मार्च तक अधिकतम तापमान सामान्य से 8 से 12 डिग्री अधिक रह सकता है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी राजस्थान में भी पारा सामान्य से 6 से 8 डिग्री ऊपर रहने का अनुमान है। हालांकि, 10 और 11 मार्च के आसपास पश्चिमी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की सक्रिय होने के बाद तापमान में 5 से 7 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। इस दौरान पश्चिमी हिमालय के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
राजधानी दिल्ली में शनिवार को सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह मार्च के पहले सप्ताह का पिछले 50 सालों में सबसे अधिक तापमान है। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। हरियाणा के हिसार में तापमान 36.3 डिग्री तक पहुंच गया था। उत्तराखंड के देहरादून में 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से लगभग 5 डिग्री अधिक है। वहीं, जम्मू में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और कटरा में भी पारा सामान्य से ऊपर रहा था। हिमाचल प्रदेश के ऊना में तापमान 32.8 डिग्री तक पहुंच गया था। जबकि, ताबो में रात का न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
देशभर में सबसे ज्यादा गर्मी विदर्भ क्षेत्र में महसूस की गई। यहां अमरावती में तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में भी तापमान सामान्य से 8 से 12 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर भारत और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 3 से 7 डिग्री अधिक रहा था। गुजरात, कोंकण, झारखंड और उत्तरी कर्नाटक में भी पारा 1.6 से 3 डिग्री तक ऊपर दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सात दिनों में कई राज्यों के तापमान में उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में अगले तीन दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा लेकिन इसके बाद चार दिनों में 5 से 7 डिग्री तक गिरावट संभव है। उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले पांच दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है और 10 से 11 मार्च के आसपास हल्की कमी आ सकती है। मध्य भारत में भी शुरुआती 24 घंटों में तापमान 2 से 3 डिग्री बढ़ने के बाद कुछ दिनों तक स्थिर रहने का अनुमान है।
दक्षिण और पश्चिम भारत में भी गर्मी का असर बढ़ता दिखाई दे रहा है। महाराष्ट्र और गुजरात में अगले चार दिनों के दौरान तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। जबकि, दक्षिण भारत में शुरुआती पांच दिनों तक तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा लेकिन इसके बाद धीरे धीरे गर्मी बढ़ने के संकेत हैं। हिमाचल प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में 7 और 8 मार्च को उष्ण लहर जैसी स्थिति बन सकती है। जबकि, 10 और 11 मार्च को पश्चिमी राजस्थान में हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा गुजरात तट, सौराष्ट्र कच्छ, उत्तरी कोंकण, आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। ओडिशा, कर्नाटक, केरल, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। कई जिलों में दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा है और बड़े शहरों में पारा 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री तक भी जा सकता है। हालांकि, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के हल्के असर से कुछ जगहों पर बादल दिखाई दे रहे हैं लेकिन फिलहाल प्रदेश में मौसम सामान्य बना हुआ है और तेज धूप के कारण गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है।
भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत कई बड़े शहरों में दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भोपाल में अधिकतम तापमान 35.4 और न्यूनतम 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर में अधिकतम 36.2 और न्यूनतम 14.2 डिग्री रहा। जबकि, जबलपुर में 35.6 और 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 35.7 और न्यूनतम 18.1 डिग्री रहा। वहीं, उज्जैन में दिन का तापमान 35.8 और रात का 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। इनमें धार, दमोह, सागर, शाजापुर, गुना, छतरपुर, रतलाम और टीकमगढ़ जैसे जिले शामिल हैं। यहां मार्च के शुरुआती दिनों में ही गर्मी का असर दिखाई देने लगा है।




