कांग्रेस की आदिवासी न्याय यात्रा को पुलिस ने रोका, धरने पर बैठे कमलनाथ, विधायक पांचीलाल मेड़ा का कुर्ता फटा

कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा के नेतृत्व में धार जिले से पैदल आ रही आदिवासी न्याय यात्रा को पुलिस ने भोपाल में लालघाटी इलाके में ही रोक दिया, कमलनाथ इसके विरुद्ध धरने पर बैठे

Updated: Sep 30, 2022, 11:04 AM IST

कांग्रेस की आदिवासी न्याय यात्रा को पुलिस ने रोका, धरने पर बैठे कमलनाथ, विधायक पांचीलाल मेड़ा का कुर्ता फटा

भोपाल। कारम डैम फूटने के बाद क्षेत्र के किसानों को आई दिक्कतों व उचित मुआवजे की मांग को लेकर धार से शुरू हुई कांग्रेस कि "आदिवासी न्याय यात्रा" को पुलिस ने रोक दिया। राजभवन की ओर बढ़ रहे इस यात्रा को पुलिस ने राजधानी के लालघाटी इलाके से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके विरुद्ध पूर्व सीएम कमलनाथ धरने पर बैठ गए।

कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा के नेतृत्व में राजभवन की ओर बढ़ रही इस न्याय यात्रा को रोके जाने की खबर पीसीसी चीफ कमलनाथ को मिली तो वे धरने पर बैठ गए। कमलनाथ ने इस दौरान कहा कि, 'कांग्रेस का पूरा समर्थन आपके साथ है। आपकी इस लड़ाई को कांग्रेस हर मोर्चे पर लड़ेगी। हमने विधानसभा के सत्र में भी इस मामले को उठाने की व सरकार से इस पर जवाब मांगने की कोशिश की, लेकिन सरकार कारम डैम के भ्रष्टाचार और प्रभावितों को न्याय के मामले में कोई चर्चा नहीं करना चाहती थी, इसलिए हमारी बात को अनसुना किया गया।'

कमलनाथ ने आगे कहा कि, 'विधायक पांचीलाल मेड़ा के साथ दुर्व्यवहार किया गया। कांग्रेस इस मामले पर चुप नहीं बैठेगी। जब तक कारम डैम में हुए भ्रष्टाचार के दोषियों को सजा नहीं मिल जाती पीड़ित परिवारों को उचित राहत व मुआवजा नहीं मिल जाता है, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। इस डैम के फूटने से कई गांवों के लोग, किसान, हमारे आदिवासी भाई प्रभावित हुए हैं। उनके मकान बह गए हैं। उनकी फसलें बर्बाद हो गईं। उनके खेतों की मिट्टी तक बह गई और आज तक मुख्यमंत्री प्रभावितों से मिलने नहीं गए हैं।'

कांग्रेसी बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करने लगे, जिसमें विधायक मेड़ा का कुर्ता फट गया। वे फटा कुर्ता पहने हुए ही नारेबाजी कर आगे बढ़े। इस दौरान पुलिस ने बलप्रयोग करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वहां से हटाए। यात्रा में पांचीलाल मेड़ा के साथ पूर्व मंत्री सचिन यादव, सुरेन्द्र सिंह बघेल, डॉ. अशोक मर्सकोले, यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ विक्रांत भूरिया भी मौजूद थे।