झोलाछाप डॉक्टरों को मिले कोरोना वॉरियर्स का दर्जा, बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने की सीएम से मांग

मैहर विधायक ने कहा, कोरोना काल में गांवों में कोरोना को काबू करने में झोलाछाप डॉक्टरों ने निभाई अहम भूमिका, सरकार के स्वास्थ्य तंत्र से जोड़कर इन्हें दिया जाए प्रशिक्षण

Publish: Jun 02, 2021, 10:18 AM IST

झोलाछाप डॉक्टरों को मिले कोरोना वॉरियर्स का दर्जा, बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने की सीएम से मांग
Photo Courtesy: TV 9 Bharatvarsh

भोपाल। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य ढांचा इस तरह चरमराया हुआ है कि खुद सरकार के अपने ही नेता झोलाछाप डॉक्टरों को कोरोना वॉरियर्स का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी इस कदर है कि मैहर से बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने सीएम से पत्र लिखकर यह मांग की है कि सरकार को ग्रामीण इलाकों में लोगों का इलाज कर रहे झोलाछाप डॉक्टरों को प्रशिक्षित करना चाहिए और उन्हें कोरोना वारियर का दर्जा देना चाहिए। 

नारायण त्रिपाठी सीएम शिवराज को लिखे पत्र में कहा है कि कोरोना काल में ग्रामीण इलाकों में संक्रमण पर काबू पाने के लिए झोलाछाप डॉक्टरों ने अहम भूमिका निभाई है। विधायक के मुताबिक इन झोलाछाप डॉक्टरों ने सर्दी खांसी की दवाइयों की बदौलत ही संक्रमण को रोकने में कामयाबी हासिल कर ली। बीजेपी विधायक के झोलाछाप डॉक्टरों को देवदूत का दर्जा देते हुए कहा है कि इन्हें स्वास्थ्य सेवक और स्वास्थ्य रक्षक बना कर कोरोना योद्धा का दर्जा दिया जाना चाहिए। 

नारायण त्रिपाठी ने सीएम से कहा है कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब वर्ग के लोगों के पास अस्पताल में इलाज कराने के लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे दौर में इन गरीब लोगों का झोलाछाप डॉक्टर ही सहारा बने। बीजेपी विधायक ने सीएम से कहा कि हम और आप ग्रामीण इलाकों से ताल्लुक रखने के कारण झोलाछाप डॉक्टरों की अहमियत से अच्छी तरफ से वाकिफ हैं। त्रिपाठी ने कहा कि राज्य सरकार को झोलाछाप डॉक्टरों को स्वास्थ्य तंत्र से जोड़कर प्रशिक्षित करना चाहिए, और उन्हें भी कोरोना योद्धाओं जैसा सम्मान मिलना चाहिए। 

बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी की सीएम से यह मांग राज्य सरकार के स्वास्थ्य ढांचे पर सवाल है। बीजेपी विधायक का पत्र झोलाछाप डॉक्टरों की वकालत करने के साथ साथ प्रदेश में चरचामाई स्वास्थ्य व्यवस्था की भी गवाही है, जहां ग्रामीण इलाकों में लोगों का पर्याप्त इलाज सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के पास स्वास्थ्य व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम नहीं है।