एमपी उपचुनाव: बीजेपी सांसद ने की कांग्रेस प्रत्याशी विपिन वानखेड़े को 25 हज़ार वोटों से जिताने की अपील

आगर उपचुनाव: बीजेपी नेता महेंद्र सिंह सोलंकी की फिसली जुबान, मतदाताओं से कांग्रेस प्रत्याशी को जिताने की अपील कर डाली

Updated: Nov 01, 2020, 10:32 PM IST

एमपी उपचुनाव: बीजेपी सांसद ने की कांग्रेस प्रत्याशी विपिन वानखेड़े को 25 हज़ार वोटों से जिताने की अपील
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भोपाल। देवास से बीजेपी सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी आगर मालवा में गए तो थे बीजेपी प्रत्याशी के लिए वोट मांगने, लेकिन अपने भाषण के अंत में विधासनभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार विपिन वानखेड़े के लिए वोट मांगने लग गए। महेंद्र सिंह सोलंकी ने रैली के दौरान वोटरों से कांग्रेस प्रत्याशी विपिन वानखेड़े को 25 हज़ार वोटों से जिताने की अपील कर डाली।  

दरअसल महेंद्र सिंह सोलंकी ने अपने भाषण में वोटरों से कहा, 'आप विपिन वानखेड़े जैसे गद्दार को 25 हज़ार वोटों से जिताकर इंदौर भेजोगे।' सोलंकी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो से साफ है कि उनकी जुबान फिसली है। लेकिन कांग्रेस भी इस वीडियो के सामने आने के बाद बीजेपी नेता के खिलाफ चुटकी लेने से नहीं चूक रही। एमपी यूथ कांग्रेस का कहना है कि 'झूठ बोलते बोलते मुंह से सच निकल जाता है। '

बता दें कि बीजेपी के पूर्व विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन के चलते आगर की सीट खाली हुई है। यहाँ से बीजेपी ने उनके बेटे मनोज ऊंटवाल को मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने एक बार फिर विपिन वानखेड़े पर भरोसा जताया है। पिछले चुनाव में विपिन वानखेड़े महज़ ढाई हज़ार वोटों से हारे थे। लिहाज़ा आगर की सीट पर कांटे का मुकाबला होने की उम्मीद है। 

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इसके साथ ही मध्यप्रदेश में उपचुनाव का शोर तो ख़त्म हो गया लेकिन अपने अंतिम समय में यह चुनावी अभियान लोगों के मनोरंजन के लिए काफी कुछ छोड़ गया है। अंतिम दो दिनों में बीजेपी नेता रैली तो बीजेपी के लिए करने पहुंचे थे, लेकिन वोट कांग्रेस के लिए मांगने लग गए। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद डबरा की जनता को हाथ के पंजे पर वोट देने की बात कह डाली। करैरा प्रत्याशी जसवंत जाटव ने कमल नाथ को प्रदेश का यशस्वी मुख्यमंत्री बता डाला। शिवराज सिंह चौहान ने जसवंत जाटव की बात को सिद्ध करने के लिए खुद को प्रदेश का पूर्व मुख्यमंत्री बता दिया।

इस तरह से अनेक दिलचस्प वाद-संवाद के साथ मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का प्रचार खत्म हुआ। जनता इससे कितनी प्रभावित हुई या नहीं हुई यह दो दिन बाद होने जा रहे मतदान के बाद पता चलेगा।