BJP का पिछड़ा वर्ग से प्रेम सिर्फ दिखावा, 6 लाख OBC छात्रों की 682 करोड़ छात्रवृत्ति सरकार ने रोकी: माकपा

वाम दल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई कर रहे पिछड़े वर्ग के 6 लाख छात्रों को न तो छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान किया और न ही अंतरिम बजट में इसका प्रावधान किया।

Updated: Feb 11, 2024, 02:30 PM IST

भोपाल। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ओबीसी कार्ड खेल पिछड़े वर्ग को लुभाने में जुटी है। भाजपा के इस पिछड़ा प्रेम पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने जोरदार हमला बोला है। माकपा ने कहा कि BJP का पिछड़ा वर्ग से प्रेम सिर्फ दिखावा है। वाम दल ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने 6 लाख OBC छात्रों की 682 करोड़ छात्रवृत्ति सरकार ने रोक दी है।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई कर रहे पिछड़े वर्ग के 6 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान नहीं किया है। मोहन यादव सरकार की ओर से विधानसभा में प्रस्तुत अंतरिम बजट में इसका प्रावधान भी नहीं किया गया है। इससे भाजपा सरकार का मनुवादी चेहरा बेनक़ाब हो जाता है, क्योंकि बजट में प्रावधान न होने से साफ है कि भाजपा सरकार इसे देना ही नहीं चाहती है।

माकपा नेता ने कहा है कि निजी मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले ओबीसी के छात्र यह राशि फीस के रूप में जमा कर चुके हैं, लेकिन 2022-23 की 482 करोड़ की छात्रवृत्ति का भुगतान अभी छात्रों को नहीं हुआ है। बजट में प्रावधान न होने से सरकार की मंशा स्पष्ट हो गई है। उल्लेखनीय है कि इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स को 30 से 35 हजार और मेडिकल के छात्र-छात्राओं को 5 हज़ार से लेकर 10 लाख रुपए तक छात्रवृत्ति मिलती है। 

जसविंदर सिंह ने कहा है कि 2021-22 में भी छात्रों को पूरी छात्रवृत्ति नहीं मिली थी। उक्त वर्ष में 350 करोड़ रुपये में से सिर्फ 150 करोड़ का ही भुगतान हुआ था। इस प्रकार दोनों वर्षों की मिलाकर 682 करोड़ छात्रवृत्ति बकाया है। इतना ही नहीं छात्रों का हॉस्टल भत्ता भी रुका हुआ। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि मुख्यमंत्री के पिछड़े वर्ग के मुखौटे और प्रधानमंत्री द्वारा भी खुद को पिछड़े वर्ग का कहने के बावजूद यदि छात्रवृत्ति रुकी हुई है तो इसका अर्थ यही है कि भाजपा का मनुवादी चरित्र पिछड़ों के वोट लेने के लिए भ्रम तो पैदा करता है, लेकिन उनका असली मकसद पिछड़े तबकों को शिक्षा से वंचित करना है। 

माकपा ने राज्य सरकार से छात्रवृत्ति की राशि तत्काल छात्रों को देने की मांग की है। माकपा ने कहा है कि कभी भारत रत्न और कभी चुनावी जुमलों से पिछड़े वर्गों में भ्रम फैलाने वाले प्रधानमंत्री और भाजपा की पिछड़ा वर्ग उत्थान की हकीकत कम से कम मध्य प्रदेश के पिछड़े वर्गों के समुदायों को समझ में आ चुकी है। पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री का मुखौटा भी भाजपा की मनुवादी मानसिकता को छुपा नहीं सकता है।