भोपाल में चौथी बार पानी की टंकी पर चढ़ा परिवार, 53 घंटे की कोशिश के बाद प्रशासन ने उतारा नीचे

जमीन पर अवैध कब्जे से परेशान शख्स कर रहा न्याय की गुहार, आखिरकार औबेदुल्लागंज की तहसीलदार से अवैध कब्जा हटवाने का आश्वासन मिलने पर टंकी से नीचे आया परिवार, बार-बार कानून तोड़ने के आरोप में परिवार के खिलाफ केस दर्ज

Updated: Dec 28, 2021, 01:53 PM IST

भोपाल में चौथी बार पानी की टंकी पर चढ़ा परिवार, 53 घंटे की कोशिश के बाद प्रशासन ने उतारा नीचे
Photo Courtesy: Naidunia

 भोपाल। राजधानी के कस्तूरबा नगर में एक परिवार 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ा था। शनिवार से प्रशासन इसे नीचे उतारने में जुटा था। करीब ढाई दिन की मशक्कत के बाद परिवार को टंकी से नीचे उतारने में सफलता हासिल कर ली गई है। भोजपुर निवासी रीतेश गिरी गोस्वामी पत्नी और तीन बच्चों के साथ शनिवार से पानी की टंकी पर चढ़ा था। दरअसल उनकी जमीन पर किसी ने जबरन कब्जा कर लिया है। वह अपनी जमीन को वापस पाने के लिए तरह-तरह की कोशिशें कर रहा है। 3 बार पहले भी अलग-अलग जगहों पर टंकी पर चढ़ चुका है। वहीं फिर से टंकी पर चढ़ने की खबर के बाद से ही पुलिस प्रशासन ने टंकी के नीचे कैंप लगा रखा था।

आखिरकार परिवार को नीचे उतारने के लिए औबेदुल्लागंज तहसीलदार चंचल जैन और SDRF के डिप्टी कमांडेंट केपी सिंह को बुलाया गया। दोनों अधिकारियों ने रीतेश और उसकी पत्नी को फोन लगाकर उन्हें नीचे उतरने के लिए किसी तरह से मनाया। तहसीलदार ने रीतेश और उसके परिवार को भरोसा दिलाया है कि जल्द से जल्द उनकी जमीन की नप्ती होगी, अगर जमीन पर किसी ने अवैध कब्जा किया है तो फरियादी की जमीन वापस दिलवाने की कार्रवाई की जाएगी।

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टंकी से नीचे उतरने के बाद रीतेश गोस्वामी और उसके परिवार को सुरक्षित घर भेज दिया गया है। वहीं प्रशासन पर गलत तरीके से दबाव बनाने के मामले में पुलिस का कहना है कि वह असंवैधानिक तरीके से टंकी पर चढ़ा था, इसलिए उसके खिलाफ लीगल एक्शन लिया जाएगा।

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फरियादी रीतेश गिरी गोस्वामी अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ कड़ाके की ठंड में 53 घंटे तक पानी की टंकी पर चढ़ा था। जहां ठंड की वजह से उनकी बेटी की तबीयत बिगड़ गई थी, फिर भी परिवार नीचे उतरने को तैयार नहीं था। जिसके बाद औबेदुल्लागंज की तहसीलदार को बुलाया गया,उससे आश्वासन मिलने के बाद परिवार नीचे आया। इससे पहले उन्हें टंकी पर ही खाने पीने का सामान देने की कोशिश की गई थी, लेकिन इसके लिए भी परिवार ने उसे भी लेने से इनकार कर दिया था। रीतेश का परिवार इससे पहले भी तीन बार पानी की टंकी पर चढ़ चुका है। अब परिवार को उम्मीद है कि उन्हें जल्द उनकी जमीन पर कब्जा मिल जाएगा।