विधानसभा से मिला जीतू पटवारी को नोटिस, बोले- बिल्ली की आंखों से शेर को डराने की कोशिश है

जीतू पटवारी द्वारा खुद को शेर बताने पर विधानसभा अध्यक्ष का जवाब- विधायक हैं, विधायक की तरह रहें, शेर होते तो पिंजरे में बंद कर दिया जाता

Updated: Mar 16, 2022, 04:47 PM IST

विधानसभा से मिला जीतू पटवारी को नोटिस, बोले- बिल्ली की आंखों से शेर को डराने की कोशिश है

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का सत्रावसान हो गया है। उधर राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करने वाले कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को नोटिस जारी हुआ है। जीतू पटवारी ने इसपर पलटवार करते हुए कहा है कि शेर इस नोटिस से नहीं डरेगा। वे "सच से हरते हैं"।

दरअसल, कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने बजट सत्र शुरू होने से पहले राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करने का ऐलान किया था। जीतू पटवारी ने कहा था कि प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। गायों की मौतें हो रही हैं, मंहगाई बढ़ गई है, ऐसे में हम राज्यपाल का अभिभाषण कैसे सुन सकते हैं? पटवारी के इसी ऐलान को लेकर विधानसभा आचरण समिति ने उन्हें नोटिस जारीकर जवाब तलब किया है।

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विधानसभा से नोटिस मिलने पर जीतू पटवारी ने कहा कि, 'शेर को बिल्ली की आंखों से डराने की कोशिश की जा रही है। बिल्ली की आंखों से शेर नहीं डरेगा।' जीतू पटवारी द्वारा खुद को शेर बताने पर विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने पलटवार किया है। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कहा कि जीतू पटवारी विधायक हैं, वे विधायक ही रहें। शेर होते तो पिंजरे में बंद कर दिए जाते। जीतू पटवारी ने ट्वीट किया है कि शिवराज जी आप कब तक जवाब के सवालों से भागेंगे..

जीतू पटवारी को नोटिस मामले पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति आपत्ति जताई है। विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक डॉ गोविंद सिंह ने पूछा कि किस नियम के तहत उन्हें नोटिस भेजा गया है और इसका कारण क्या है? जीतू पटवारी को नोटिस सदन के नियमों की परिधि से बाहर जाकर दी गई है। इसपर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नियमों के तहत ही कार्रवाई की गई है। लेकिन भड़के कांग्रेस के सदस्यों ने इस नोटिस के खिलाफ सदन में जमकर हंगामा किया और बाद में वॉकआउट कर दिया।