MP: 14 महीने से लापता है BJP कार्यकर्ता की बेटी, दिग्विजय सिंह के लगातार सवाल उठाने के बाद SIT का गठन

पिछले 14 माह से गायब है नीमच की नेहा जोशी, पिता पिछले तीन हफ्ते से अनशन पर हैं, दिग्विजय सिंह के ट्वीट के बाद अब जांच के लिए एसआईटी का गठन

Updated: Mar 30, 2022, 09:39 AM IST

MP: 14 महीने से लापता है BJP कार्यकर्ता की बेटी, दिग्विजय सिंह के लगातार सवाल उठाने के बाद SIT का गठन

नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच की एक बेटी पिछले 14 महीनों से लापता है और बेटी के बेबस पिता आमरण अनशन पर हैं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के ट्वीट के बाद अब मध्य प्रदेश पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। अपहृत बेटी के पिता का कहना है कि प्रशासन बता दे कि बेटी जीवित है या नहीं, ताकि वे अंतिम संस्कार कर सकें।

मामला बीते साल 23 जनवरी का है जब चार आरोपी राकेश जोशी की 22 वर्षीय बेटी नेहा जोशी को अगवा कर ले गए थे। पुलिस ने आरोपियों को 28 जनवरी को पकड़ लिया। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया था। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया। बाद में वे छूट गए लेकिन लड़की का पता नहीं चल पाया। 

मनासा क्षेत्र के आतरीमाता गांव में रहने वाली गायब छात्रा नेहा जोशी के पिता राकेश जोशी सत्तारूढ़ दल बीजेपी से जुड़े हुए हैं। बेबस पिता राकेश को अपनी बेटी के लौटने का इंतजार है। पुलिस और प्रशासन से उनकी दो ही मांगें हैं कि अगर उनकी बेटी जीवित है तो बता दें कि कहां हैं और अगर बेटी की हत्या हो गई है तो भी उसे बता दिया जाए, ताकि वो उसका अंतिम संस्कार करा दें। राकेश पिछले तीन हफ्ते से ज्यादा समय से नीमच जिले में कलेक्ट्रेट के सामने आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।

नीमच पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने मामले पर बवाल बढ़ने के बाद एसआईटी गठित की है। लापता युवती के बारे सूचना देने पर इनाम की राशि को दस हजार से बढ़ाकर तीस हजार रुपए कर दिया गया है। पुलिस ने राकेश की बेटी को अगवा करने वाले रवीन्द्रनाथ योगी, शाहरुख शाह, संदीप मोरी के साथ ही एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जो अभी जेल में है।

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी अभी तक राकेश जोशी की बेटी का कुछ पता नहीं चल पाया है। पिछले तीन हफ्ते से ज्यादा समय से अनशन पर बैठे राकेश जोशी की तबीयत बिगड़ चुकी है। लेकिन उनका कहना है कि जब तक पुलिस और प्रशासन उन्हें उनकी बेटी के बारे में सही जानकारी नहीं देती तब तक वो अनशन नहीं तोड़ेंगे। उनका कहना है कि अगर बेटी जिंदा है तो उन्हें ये बता दिया जाए कि बेटी कहां पर है और अगर बेटी की हत्या हो गई है तो भी उन्हें बता दिया जाए ताकि वो उसका अंतिम संस्कार कर सकें।

मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि, 'हिंदू धर्म की राजनीति करने वाले अब भी मौन हैं। आरोपियों को गिरफ़्तार कर भाजपा नेताओं के दबाव में छोड़ दिया। जब जनता में नाराज़गी बढ़ी तब आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया। पहले पकड़ा क्यों और फिर छोड़ा क्यों? और जब चारों को निर्दोष मान कर छोड़ दिया तो फिर पकड़ा क्यों? क्या नीमच पुलिस से कोई पूछने वाला है?'