महाराणा प्रताप ने आदिवासियों के साथ घास की रोटी खाना स्वीकार किया लेकिन आदर्शों से समझौता नहीं किया: दिग्विजय सिंह

हल्दीघाटी की लड़ाई में एक तरफ बादशाह अकबर की तरफ से राजा मान सिंह लड़ रहे थे व महाराणा प्रताप की तरफ से हाकिम खां लड़ रहे हैं, ये हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक था। हमें महाराणा प्रताप का शौर्य और देशभक्ति गौरवांवित करती है।

Updated: Jun 02, 2022, 05:36 PM IST

महाराणा प्रताप ने आदिवासियों के साथ घास की रोटी खाना स्वीकार किया लेकिन आदर्शों से समझौता नहीं किया: दिग्विजय सिंह

भोपाल। देशभर में आज महाराणा प्रताप की जयंती मनाई जा रही है। राजधानी भोपाल में भी वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई। पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह भोपाल में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा आयोजित महाराणा प्रताप जयंती के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

दिग्विजय सिंह ने महाराणा प्रताप को पुष्पांजलि अर्पित की। यहाँ मौजूद लोगों को सम्बोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप ने मेवाड़ की शान के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया। उन्होंने गरीब आदिवासियों के साथ घास की रोटी खाना स्वीकार किया लेकिन कभी अपने आदर्शों से समझौता नहीं किया। 

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सिंह ने आगे कहा कि हल्दीघाटी की लड़ाई में एक तरफ बादशाह अकबर की तरफ से राजा मान सिंह लड़ रहे थे, दूसरी ओर महाराणा प्रताप की तरफ से हाकिम खां लड़ रहे थे। ये उस दौर में हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक था। हमें महाराणा प्रताप का शौर्य और देशभक्ति गौरवांवित करती है।

इस कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा, गुड्डू चौहान, कैलाश मिश्रा, आनंद तारण व बड़ी संख्या में सर्वजातीय समाज के लोग एकत्रित हुए और महाराणा प्रताप को पुष्पांजलि अर्पित की।