MP Health Minister: निजी अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी का कोरोना इलाज

MP Corona Update: स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी कोरोना पॉज़िटिव, निजी अस्पताल में इलाज पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

Updated: Aug-24, 2020, 08:36 PM IST

MP Health Minister: निजी अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी का कोरोना इलाज
Photo Courtesy: twitter

भोपाल। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभूराम चौधरी कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। प्रभुराम चौधरी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री होते हुए उपचार के लिए राजधानी स्थित चिरायु अस्पताल में भर्ती हुए हैं, जिसको लेकर विपक्ष स्वास्थ्य मंत्री से सवाल कर रहा है। 

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चीफ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि प्रभुराम चौधरी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री होने के बावजूद निजी अस्पताल में अपना उपचार करा रहे हैं। सलूजा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को भी भरोसा नहीं है।इसलिए चौधरी अपना उपचार कराने के लिए निजी अस्पताल में भर्ती हुए हैं।  सलूजा ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ का उदाहरण देते हुए बताया है कि कमल नाथ ने मुख्यमंत्री रहते हुए अपना उपचार भोपाल के सरकारी अस्पताल हमीदिया में कराया था जो कि आज भी एक उदाहरण के तौर पर याद किया जाता है। दरअसल पिछले वर्ष प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमल नाथ ने अपने दाएं हाथ के उंगली की सर्जरी राजधानी स्थित हमीदिया अस्पताल में कराई थी। 

Click मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी को कोरोना

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी शिवराज सरकार के कोरोना संक्रमित सातवें मंत्री हैं। इसके पहले अरविंद भदौरिया, तुलसी सिलावट, रामखेलावन पटेल, विश्वास सारंग, मोहन यादव और गोपाल भार्गव को कोरोना हो चुका है। खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। बता दें कि सभी का इलाज राजधानी के चिरायु अस्पताल में किया गया था।

इससे पहले हाल ही में शिवराज सिंह चौहान द्वारा चिरायु अस्पताल में कोरोना का इलाज कराए जाने हेतु एक व्यक्ति के सवाल करने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया था। राजन सिंह नामक व्यक्ति ने यह सवाल उठाया था कि शिवराज सिंह चौहान 15 साल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य में एक ढंग का अस्पताल नहीं बना पाए, जिस वजह से उन्हें अपने इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।