पुलिस कस्टडी में मौत मामले में हुआ बड़ा खुलासा, गला दबा कर की गई युवक की हत्या

सोमवार देर रात युवक की मांधाता थाने में मौत हो गई थी, मृतक की शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है जिसमें उसका गला दबा कर हत्या की आशंका जताई गई है, मृतक के भाई का आरोप है कि पुलिस ने उसके सामने ही उसके भाई की पिटाई की थी, जब कि इस मामले में निलंबित थाना प्रभारी का आरोप है कि मृतक के भाई ने ही उसकी हत्या की है

Updated: Sep 15, 2021, 03:27 PM IST

पुलिस कस्टडी में मौत मामले में हुआ बड़ा खुलासा, गला दबा कर की गई युवक की हत्या

खंडवा। खंडवा के मांधाता थाने में पुलिस कस्टडी में हुई युवक की मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट यह बात सामने आई है कि युवक का गला दबा कर उसकी हत्या की गई है। डॉक्टरों को किशन के गले पर चोट के निशान मिले हैं। मृतक के भाई का भी एक बयान मीडिया में सामने आया है जिसमें उसने दावा किया है कि उसके सामने मृतक किशन को पीटा गया। हालांकि पुलिस अब उल्टा मृतक के भाई पर ही हत्या का आरोप लगा रही है।  

सोमवार देर रात को मांधाता थाने में चोरी के आरोप में कैद दो भाइयों में से एक किशन नामक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले के सामने आने के बाद थाने के टीआई समेत कुल चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। युवक के शव का जब पीएम कराया गया तब शोर्ट पीएम रिपोर्ट में यह तथ्य निकल कर सामने आया है कि युवक को गला दबा कर मारा गया है।  

पुलिस और परिजनों में आरोप-प्रत्यारोप 

इस पूरे मामले में पुलिस और परिजन आमने-सामने आ गए हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने किशन की बेरहमी से पिटाई की, जिस वजह से उसकी मौत हो गई। किशन पहले से ही सांस की बीमारी से पीड़ित था। मृतक के भाई का भी यह कहना है कि पुलिस ने उसके सामने ही उसके भाई की पिटाई की थी। पवन ने बताया कि पुलिस ने 8 सितंबर को उसे और उसके भाई को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। लेकिन पुलिस ने दोनों भाइयों को कोर्ट में पेश नहीं किया।  

इसके बदले पुलिस दोनों भाइयों को लगातार पीटते रही। पवन के मुताबिक थाने के निलंबित टीआई गणपत कनेल और कांस्टेबल ने बुरी तरह से दोनों भाइयों को पीटा। पवन ने बताया कि पुलिस ने किशन से चोरी का जुर्म कबूलवाने के लिए उसके ऊपर पानी भी डाला। वहीं एक महिला पुलिसकर्मी ने उसे जंगल में ले जाकर गोली मारने की धमकी भी दी थी। मृतक किशन के पिता जियालाल भी यही आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस की पिटाई के कारण ही उनके बेटे की मौत हुई है। क्योंकि किशन का अचानक स्वास्थ्य खराब होने का कोई सवाल पैदा नहीं होता।  

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जबकि इस पूरे मामले में पुलिस अलग ही कहानी बता रही है। थाने के निलंबित टीआई गणपत कनेल  का यह आरोप है कि किशन को उसके ही भाई पवन ने मारा है। निलंबित टीआई के मुताबिक हत्या की रात दोनों भाई हवालात में अकेले थे। इसलिए हमें यह आशंका है कि उसके भाई ने ही गला दबा कर मृतक की हत्या की है।  

हालांकि निलंबित अधिकारी यह बयान समझ से परे इसलिए है क्योंकि अगर किशन के भाई ने ही गला दबा कर उसकी हत्या की, तो उस दौरान थाने में मौजूद पुलिसकर्मी क्या कर रहे थे? मामले में सच जो भी हो लेकिन अब कम से कम इस बात की पुष्टि हो गई है कि किशन की मौत एक प्राकृतिक मौत नहीं है। बल्कि उसकी हत्या की गई है। फिलहाल मामले की मजेस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में पूरा सच सामने आ पाएगा।